लखनऊ मेट्रो को अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए लोगों को मेट्रो स्टेशनों तक लाने-ले जाने के लिए ऑटो-टैक्सी सेवा की जरूरत होगी। यूपी मेट्रो के अधिकारियों ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसमें पुलिस और जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। वहीं मेट्रो के अधिकारी ऑटो रिक्शा संचालकों के भी संपर्क में हैं।
मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी ने बताया कि खुद एमडी कुमार केशव ट्रेनों के संचालन के साथ ही ऑटो-टैक्सी सेवा भी शुरू करने के पक्ष में हैं। इससे कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच लोगों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया जा सकेगा।
ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों से बात कर जल्दी ही इस पर फैसला कर लिया जाएगा। ट्रेनों के संचालन शुरू करने के लिए स्टेशनों को भी सुरक्षित बनाया जा रहा है। बिना थर्मल जांच और मास्क के किसी को भी यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
वार्ता जारी, मेट्रो को लेना है फैसला
लखनऊ ऑटो रिक्शा टैक्सी संघ के अध्यक्ष पंकज दीक्षित का कहना है कि प्रशासन और मेट्रो के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई है। एक निजी एजेंसी भी रूट सर्वे के लिए यूपी मेट्रो ने लगाई है, जिसने अपने सुझाव दिए हैं।
मेट्रो की जरूरत और रूट पर संचालन की संभावना को देखते हुए जल्दी ही इसे तय कर लिया जाएगा। नए परमिट भी जारी कराने होंगे, इसके लिए भी बातचीत हुई है।
केंद्र ही करेगा अंतिम फैसला
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि 17 मई के बाद कब से मेट्रो सेवा शुरू होगी, ये केंद्र सरकार के निर्देश पर निर्भर करेगा। हम अपनी तैयारी पूरी कर रहे हैं, ताकि आदेश मिलते ही तत्काल सेवा शुरू हो सके। शुक्रवार को भी इन तैयारियों के लिए ट्रांसपोर्ट नगर डिपो में एक बैठक हुई।
एमडी कुमार केशव ने कहा कि हर चार से पांच घंटे पर सभी मशीन, टिकट कलेक्शन गेट आदि का सैनिटाइजेशन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मेट्रो में यात्रा करने वालों से उचित दूरी का पालन करने की भी अपील की।
मेट्रो स्टेशनों के प्रत्येक वॉशरूम में पहले से ही टिशू पेपर और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। मेट्रो ट्रेन को भी दिन में दो बार सैनिटाइज किया जाएगा।