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आपकी ही जेब से निकलेगा मेट्रो का खर्च

Fri, 26 Jul 2013 10:24 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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मेट्रो की सवारी के लिए राजधानीवासियों को अपनी जेब ढीली करनी होगी।
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मेट्रो की सवारी के लिए परियोजना की ओर एक कदम बढ़ाते हुए ओंके संचालन के दौरान अमौसी से मुंशी पुलिया के बीच करीब सवा चार लाख यात्री रोज यात्रा करेंगे।

यह आंकलन किया है दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने। यह संख्या 25 साल में बढ़कर साढ़े तेरह ला हो जाएगी।

दूसरी ओर चारबाग से बसंतकुंज के रूट पर पहले सवा दो लाख यात्री रोज मिलने का लक्ष्य रखा है, जबकि 25 साल बाद यात्रियों की संख्या रोजाना छह लाख तक पहुंच जाएगी।

मेट्रो के निर्माण और संचालन पर आने वाला खर्च भी कहीं न कहीं जनता की जेब ढीली करके निकाला जाएगा।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बृहस्पतिवार को जो रिवाइज डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पेश की, उसमें ऐसे अनेक उपाय सुझाए गए जिनके जरिए मेट्रो पर आने वाला खर्च जुटाया जा सकता है।
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16 तरीकों से कर बढ़ोतरी और साधनों के जरिए धन जुटाया जाएगा। इसके लिए स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी से लेकर सर्किल रेट बदलने और एफएआर बढ़ाने तक के प्रस्ताव हैं।

12,244 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान
बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर सिस्टम के तहत मेट्रो पर आने वाले करीब 12244 करोड़ रुपये के खर्च का पूरा ब्यौरा डीएमआरसी ने अपनी पुनरीक्षित डीपीआर में रखा है।
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कुल खर्च में केंद्र सरकार से 20 फीसदी करीब 2321 करोड़ रुपये, प्रदेश सरकार से 49.69 फीसदी 5768 करोड़ रुपये जबकि निर्माणकर्ता कंपनी 12 फीसदी की दर से लगभग 2345 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

मेट्रो के लिए दी जानी वाली जमीन के तौर पर 545 करोड़ रुपये और औद्योगिक निदेशालय की ओर से 91 करोड़ रुपये परियोजना में दिए जाएंगे।
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