मेट्रो रूट कैसा होगा, इसका मॉडल तैयार हो गया है। मेट्रो रेल के निर्माण के आगाज से पहले रूट मॉडल को बनाने में भी खासी मशक्कत की गई।
मुख्यमंत्री ने इस मॉडल का अनावरण शनिवार को किया। हजरतगंज के 200 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में किए गए सुंदरीकरण के आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव ने ही मॉडल तैयार किया है।
इसे तैयार करने में दो माह का समय लगा। इसमें मवैया से आईटी तक के रूट को दर्शाया गया है, जिसमें मार्ग की सभी बिल्डिंगों को हुबहू उतारा गया है।
कई तरह के अलग-अलग पदार्थों का इस्तेमाल इस मॉडल के लिए किया गया है। इसको अब एलडीए के मसऊद हॉल में रखा जाएगा।
इस कृति को बनाने में आर्किटेक्ट और उसकी टीम ने रबर, प्लास्टिक, पालीकार्बोनेट और लकड़ी का इस्तेमाल किया। मवैया से आईटी तक के इस रूट का अधिकांश हिस्सा भूमिगत है।
केकेसी चौराहे से केडी सिंह बाबू स्टेडियम चौराहे तक। इस रूट पर सबसे पहले आर्किटेक्ट ने फोटोग्राफी करवाई। इसके साथ ही यहां एक एक बिल्डिंग का एलाइनमेंट और साइज लिया गया।
उसी हिसाब से इस कृति को गढ़ा गया। दो महीने के समय में यह बन कर तैयार किया गया। चार मीटर लंबा और दो मीटर चौड़ा है यह मॉडल।
शीशे के अंदर रखे गए इस मॉडल का प्रदर्शन शनिवार को मुख्यमंत्री के समक्ष किया गया। सीएम ने इस मॉडल को देखकर बोले, वाह! बहुत खूब। अब इस मॉडल को एलडीए में रखा जाएगा।
मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने बताया कि, हमने इस मॉडल को बनाने की जिम्मेदारी आशीष श्रीवास्तव को दी, जिन्होंने बखूबी इसको अंजाम दिया।