केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां बटन दबा लखनऊ में मेट्रो की शुरुआत कर दी। बटन दबाने और हरी झंडी दिखाने के बाद तीनों लोग मेट्रो में बैठे और ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग व चारबाग से वापस ट्रांसपोर्टनगर तक यात्रा की।
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इस मौके पर सीएम योगी ने कहा, यूपी के आठ और प्रमुख शहरों में भी जल्द ही मेट्रो सेवा पर काम शुरू होगा। योगी ने कहा कि इलाहाबाद, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, मुरादाबाद और वाराणसी जैसे शहरों में भी मेट्रो सेवा के लिए डीपीआर बनवाई जा रही है।
उन्होंने लखनऊ मेट्रो के पहले चरण का काम रिकॉर्ड समय में पूरा होने पर मेट्रोमैन डॉ. ई श्रीधरन की सराहना करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट में देरी से राष्ट्रीय क्षति होती है। उन्होंने भविष्य में भी श्रीधरन के सहयोग की अपेक्षा की।
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योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हुआ उद्घाटन न तो शिगूफा है और न ही लोगों को इसमें सवारी के लिए छह महीने इंतजार करना पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा किए गए मेट्रो के उद्घाटन पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा, आज का यह उद्घाटन अधूरा नहीं है। बुधवार से ही मेट्रो हकीकत बन जाएगी और इसका व्यावसायिक संचालन शुरू हो जाएगा।
लखनऊ मेट्रो का प्रोजेक्ट 6780 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 3502 करोड़ रुपये यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से लोन लिया गया है। यह प्रोजेक्ट 2019 तक पूरा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने देश के 50 शहरों के लिए मेट्रो का लक्ष्य रखा है इसमें सबसे ज्यादा शहर यूपी के होंगे।
लखनऊ में ढ़ांचागत सुविधाओं का जाल बिछाने की हो रही है तैयारी
- फोटो : amar ujala
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मेट्रो शुरू होने के साथ राजधानी के विकास का एक संकल्प पूरा हुआ। हालांकि, अभी राजधानी में काफी विकास होना है। यहां से सांसद होने के नाते आज मुझे बहुत सुखद अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ के विकास के लिए कई सारे काम और योजनाएं शुरू की गई हैं। ढांचागत सुविधाओं का जाल बिछाने की तैयारी की जा रही है। अगले डेढ़ साल के भीतर मुंशी पुलिया तक मेट्रो रेल सेवा शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा, चारबाग स्टेशन पर लाइनें बढ़ाने के साथ-साथ दो नए प्लेटफॉर्मों का निर्माण भी कराया जाएगा। राजधानी के अन्य स्टेशनों पर भी विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी। लखनऊ मेट्रो रेल सेवा के उद्घाटन के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी तरह से उनके लिए समर्पित है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि 25 अगस्त 2014 को जब इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली थी, तब उन्हें बहुत खुशी हुई थी। मेट्रो आने से यहां तरक्की के द्वार खुलेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अगले डेढ़ से दो साल के भीतर मुंशी पुलिया तक मेट्रो ट्रेन चलने लगेगी। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शहीद पथ न बनवाया गया होता तो आज यहां की ट्रैफिक व्यवस्था बहुत ही खराब होती। सबसे पहले दिल्ली में वर्ष 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी ही मेट्रो लाए।
मेट्रो के साथ ही हो गई लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना
मेट्रो में सफर करते सीएम योगी व राजनाथ सिंह।
- फोटो : amar ujala
राजनाथ ने कहा कि अगले तीन वर्ष में लखनऊ में 104 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का काम भी पूरा हो जाएगा। लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाना है और मेट्रो आने से इस काम का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं 15-20 साल से लंबित थीं, उन्हें शीघ्र पूरा करने की योजना मोदी सरकार ने बनाई है। अब हमें राजधानी के अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी की सुविधा बढ़ाने की दिशा में काम करना है।
राजनाथ ने कहा कि राजधानी में 7 नए फ्लाईओवर के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार हो रही है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर कैंट की ओर से भी एक एंट्री खुलवाई जाएगी, जिसके लिए 81 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यहां चार अतिरिक्त रेलवे ट्रैक डालने के अलावा दो नए प्लेटफॉर्म भी बनाए जाएंगे।
आलमगनगर स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन का दर्जा दे दिया गया है। यहां भी ट्रेनें रुका करेंगी, ताकि जो लोग यहां उतरना चाहें, उतर जाएं। गोमती नगर स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए 513 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यहां से भी गाड़ियां मिला करेंगी।
लखनऊ मेट्रो: 2000 करोड़ खर्च, रिकॉर्ड 1079 दिन में सफर को तैयार
- 2000 करोड़ रुपये अनुमानित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का प्राथमिकता सेक्शन पर खर्च
- 4,000 मजूदरों ने किया प्राथमिकता सेक्शन पर काम
- 1079 दिन में तैयार होकर चलने जा रही लखनऊ मेट्रो
- 50-50 फीसदी हिस्सेदारी एलएमआरसी में केंद्र व राज्य की
3 लाख रोजाना करेंगे सफर
- 4 कोच की ट्रेन में 1310 यात्रियों की क्षमता
- 3 लाख यात्री एक दिन में करेंगे यात्रा
- 8 मेट्रो स्टेशनों के बीच 8.5 किमी में चलेगी अभी ट्रेनें
- 5 ट्रेन से अभी होना कॉमर्शियल रन
- 7 मिनट के बाद आएगी अगली ट्रेन
खासियतें यह भी
- 90 किमी प्रतिघंटा के लिए तैयार
- 80 किमी प्रतिघंटा के लिए आरडीएसओ का स्पीड सर्टिफिकेट
- 34 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से होगा कॉमर्शियल रन
- 2.9 मीटर चौड़े हैं ट्रेन के कोच
- 16 सीसीटीवी कैमरों से ट्रेनों की होगी निगरानी
- 64 मोबाइल चार्जिंग पॉइंट ट्रेन में