ड्रोन हो, माइक्रो लाइट्स, हेलीकॉप्टर या फिर गुब्बारे ही क्यों न हों। मध्य कमान की वायु सीमा में प्रवेश करते ही तुरंत पकड़ में आ जाएंगे। इनकी तस्वीरें तत्काल मुख्यालय को मिल जाएंगी और जरूरत के मुताबिक घुसपैठ को रोकने के लिए एक्शन लिया जाएगा।
दरअसल, गत स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय वायु सेना ने मेमोरा में एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली (आईएससीसीएस) को पूरी तरह ऑपरेशनल घोषित कर दिया है। इससे एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूती मिली है। यह एकीकृत वायु कमान एवं कंट्रोल प्रणाली का अपग्रेडेड वर्ज है, जो वायु रक्षा के सभी कार्यों को नई मजबूती देगा। यह नोड मध्य वायु कमान एवं देश के सात राज्यों की वायु सीमा का किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से बचाव करने में सक्षम है।
यह सामरिक, परिचालन एवं युद्धनीति से संबंधित सभी अधिकारियों एवं वायुसैनिकों को सही समय पर सही निर्णय लेने में मददगार साबित होगा। मध्य वायु कमान सात राज्यों में फैली हुई है। इसके पूरे क्षेत्र में वायु रक्षा को यह सिस्टम बढ़ाएगा। वायु सेना स्टेशन मेमोरा में यह सिस्टम लगा है, जिसकी प्रणाली किसी भी हवाई खतरे जैसे शत्रुतापूर्ण विमानों, हेलीकाप्टरों, ड्रोन, माइक्रो लाइट्स, गुब्बारों से होने वाली घुसपैठ पर तत्काल एक्शन लेने में मदद करेगा।