अशद ने वीडियो में परिजनों के शव भी दिखाए। बोला, मैंने मां और बहनाें को मारा है। इनके हाथ की नसें काटी हैं। पुलिस के अलावा कई नेताओं से मदद मांगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मेरा परिवार बदायूं में रहता है। लोग झूठे आरोप लगा रहे थे कि हम लोग बांग्लादेशी हैं। बदायूं में हमारी ताई रहती हैं। वहां पर हमारे परिवार का ब्योरा मिल जाएगा।
आरोपी अशद और मामले की जांच करते पुलिसकर्मी।
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आरोपी अशद फेमस होना चाहता था। इसके लिए मां और बहनों की हत्या के बाद उसने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने चार घंटे तक आरोपी से पूछताछ की। इस दौरान वह बार-बार सोशल मीडिया पर उसके पोस्ट पर क्या रिएक्शन आ रहे हैं, इसकी जानकारी मांगता रहा। अशद ने वीडियो में कहा था कि सुबह तक वह भी जिंदा नहीं रहेगा। हालांकि, सुबह उसने पुलिस के पास जाकर सरेंडर कर दिया। माना जा रहा है कि आरोपी ने सहानुभूति के लिए वीडियो बनाया था। आरोपी ने कहा कि बस्ती वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
आरोपी बदर 18 दिसंबर को परिवार के साथ अजमेर गया था। अजमेर में आरोपी ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने बस्ती वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। वीडियो में बदर बोल रहा है कि वह 17 साल से आगरा में रह रहा है। कुछ लोग परिवार को 17 साल से परेशान कर रहे हैं। कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बदर ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है। आरोपी के मुताबिक 16 दिसंबर को भी बस्ती वालों ने झगड़ा किया था। शिकायत करने पर पुलिस ने दबाव डालकर समझौता करवा दिया। 18 दिसंबर को पड़ोसियों ने फिर से विवाद किया। आरोपी का कहना है कि वह सपरिवार धर्म परिवर्तन करना चाह रहा था। इसकी जानकारी बस्ती वालों को हो गई थी। इसी बात को लेकर बस्ती वाले अक्सर विवाद करते थे। आरोप है कि बस्ती के कुछ लोग जान से मारना चाहते थ। परेशान होकर वह परिवार लेकर 18 दिसंबर को निकल गया था। तब से वह घर वापस नहीं लौटा था। बदर फेरी का काम करता था। वह अक्सर जगह बदल-बदल कर रहता था। बदर ने दो शादियां की थीं।
बदर ने पड़ोसियाें के खिलाफ आईजीआरएस पर शिकायत की थी। आगरा पुलिस उसे फोन कर बयान दर्ज करने के लिए बुला रही थी। कई बार बुलाने पर भी आरोपी वापस नहीं लौटा था। आरोपी ने आगरा की स्थानीय पुलिस चौकी पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया है।
डीजीपी ने ली घटना की जानकारी
पांच लोगों की हत्या की जानकारी मिलने पर डीजीपी प्रशांत कुमार ने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। पुलिस आयुक्त ने डीजीपी को घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस मुख्यालय से आगरा पुलिस से भी प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है। आरोपी ने बताया है कि वह मूलरूप से बदायूं का रहने वाला है। इस संबंध में बदायूं पुलिस से भी जानकारी की जा रही है।