बेटियों के मामा को दिए गए शव।
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अस्मा 49 : शरीर पर चोट के निशान नहीं। गला कसकर मारा गया। दम घुटने से मौत की पुष्टि।
आलिया (9) : शरीर पर चोट के निशान नहीं। गला कसकर मारा। दम घुटने से मौत की पुष्टि।
अल्शिया (19) : दाएं और बांए हाथ की नसें काटी, गला भी रेता। शॉक एंड हेमरेज से मौत।
रहमीन (18) : दोनों हाथों की नसें काटी। शॉक एंड हेमरेज से मौत।
अक्सा (16) दोनों हाथों की नसें काटी। शॉक एंड हेमरेज से मौत।
पिता बदर के साथ मिलकर अरशद ने ऐसी साजिश रची कि चार बहनों और मां को इसकी भनक नहीं लगी। किसी को शक न हो, इसके लिए 31 दिसंबर को उन्हें चारबाग में खम्मन पीर मजार लेकर गए। बदर के साथ बहनों और मां को खड़ा करके अरशद ने उनकी तस्वीरें खींची। परिवार ने चादर भी चढ़ाई थी। इसके बाद थोड़ी देर तक इधर-उधर घूमते रहे और फिर होटल चले गए थे।
पुलिस को होटल के कमरे और चारबाग स्टेशन के पास बदर और उसके परिजन सीसीटीवी कैमरे में कैद दिखे हैं। पुलिस ने होटल शरणजीत की सभी फुटेज कब्जे में ले ली हैं। आरोपी होटल में कब-कब आए और निकले, इसका ब्योरा तैयार किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों को लखनऊ के प्रमुख स्थलों की जानकारी किसने दी। आरोपियों के लखनऊ कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
मामले की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी।
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नाका पुलिस और मध्य जोन की सर्विलांस टीम ने बदर की तलाश में बुधवार से बृहस्पतिवार रात तक करीब 100 से ज्यादा कैमरे खंगाले हैं। पुलिस बदर के लोको चौकी से निकलने का रूट पता लगा रही है। आरोपी चारबाग रेलवे स्टेशन के भीतर प्रवेश करते नहीं दिखा है। स्टेशन रोड पर सीसीटीवी कैमरे की कमी के कारण भी पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये है मामला
आगरा निवासी अरशद अपने पिता मां और चार बहनों के साथ 30 दिसंबर को लखनऊ आया था। सभी चारबाग स्थित होटल में ठहरे थे। 31 दिसंबर की रात में पिता के साथ मिलकर अरशद ने चार बहनों और मां की हत्या कर दी थी। आरोपी ने हत्या के बाद वीडियो भी बनाया था और बस्ती के लोगों पर परेशान करने समेत कई आरोप लगाए थे।