आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने सभी काे शराब पीने के लिए मना लिया था। इसके लिए पत्नी व बेटियों ने हामी भर दी थी। आरोपियों ने होटल के पड़ोस के ठेके से शराब खरीदी थी। इससे पहले वह परिवार को राजधानी के कई हिस्सों में घुमाने ले गया था। आरोपी ने बताया कि उसकी चारों बेटियों का स्वभाव बहुत अच्छा था। पूछताछ में वह कई बार भावुक भी हुआ और अरशद की बुराई की। हालांकि, आरोपी ने पुलिस के कई सवालाें के स्पष्ट जवाब नहीं दिए।
अरशद से मिलने आया था लखनऊ
एडीसीपी मध्य के मुताबिक आरोपी बदर अपने बेटे से मिलने लखनऊ आया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद बदर को दबोच लिया गया। आरोपी ने पुलिस को देखकर चूहा मारने वाली दवा खा ली थी। आरोपी को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन तक इलाज कराने के बाद उसे डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी। इसके बाद बदर को जेल भेज दिया गया। बदर की कॉल डिटेल में सर्वाधिक बातचीत अरशद से ही निकली थी। अरशद के अलावा वह किसी से फोन पर बात नहीं करता था। पुलिस को भी आरोपी के लखनऊ आने की उम्मीद थी।
आगरा निवासी अरशद ने पिता बदरुद्दीन उर्फ बदर के साथ मिलकर मां अस्मा (49), बहनें अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) की चारबाग के होटल में हत्या कर दी थी। आरोपी 30 दिसंबर को अजमेर से लखनऊ आए थे। दो दिन के लिए होटल का कमरा बुक कराया था। 31 दिसंबर की रात में दोनों ने परिवार को खत्म कर दिया था। अरशद ने इस दौरान वीडियो भी बनाया था। वारदात के बाद अरशद ने सरेंडर कर दिया था, जबकि बदर भाग निकला था। बदर पर 25 हजार का इनाम घोषित था।