नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह व जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि पहले जलकल और नगर निगम का आंकड़ा मिलाया गया। फिर इन्हें एक साथ किया गया। जलकल विभाग करीब साढ़े पांच लाख भवनों से जलकर व सीवर कर वसूलता है। इन भवनों का नगर निगम के गृहकर रिकॉर्ड में दर्ज भवनों से मिलान किया गया। जलकल वहीं से कर वसूलता है जहां पानी या सीवर की लाइन भवन के 100 मीटर के दायरे में हो। जिन इलाकों में यह सुविधा नहीं है, वहां जलकर नहीं लिया जाता है। नगर निगम उन सभी इलाकों के घरों से गृहकर लेता है, जो उसकी सीमा में हैं।
- भवनस्वामी एक जगह पर गृहकर और जलकर जमा कर सकेंगे। अलग-अलग कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
- भवनस्वामी को नामांतरण कराने के लिए दो विभाग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- जलकल विभाग को जलकर वसूली के लिए अपने कर्मचारी नहीं लगाने पड़ेंगे।
- जलकल विभाग अलग-अलग महीनों में बिल जारी करता है। नई व्यवस्था में एक साथ ही बिल जारी हो जाएंगे।
-गृहकर संशोधित होने पर जलकर में संशोधन के लिए जलकल विभाग नहीं जाना पड़ेगा।