वर्ष 2016 में अंडर-19 विश्वकप में भारतीय टीम में जगह बनाने वाले जीशान का क्रिकेट कॅरिअर उतार चढ़ाव से भरा रहा। वर्ष 2017 में उन्हें यूपी के लिए अपने होम ग्राउंड लखनऊ के इकाना स्टेडियम में रेलवे के खिलाफ पहला प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका मिला। शुरुआत भी अच्छी रही, लेकिन यूपी की चयन समिति को इस लेग स्पिनर का प्रदर्शन समझ में नहीं आया। नौ साल के लंबे कॅरिअर में जीशान को महज पांच प्रथम श्रेणी मैच खेलने के मौके मिले। वर्ष 2024 में यूपी टी-20 लीग से उनके कॅरिअर को संजीवनी मिली।
लीग में खिताब जीतने वाली मेरठ मावरिक्स की टीम से खेलते हुए जीशान ने 12 मुकाबलों में 24 विकेट अपनी झोली डाले। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद टीम में हुआ। यहां उन्होंने अपनी टीम को निराश नहीं किया और दस मैच खेलकर छह विकेट हासिल किए। इस कारण टीम प्रबंधन ने उन्हें आईपीएल-2026 के लिए रिटेन किया। हालांकि इस साल उन्हें एक भी मैच खेलने को नहीं मिला। इससे पहले जीशान अंसारी ने विजय हजारे ट्रॉफी के 2025-26 संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ मैचों में 16.52 की औसत से 21 विकेट लिए।
यूपी के लिए टी-20 और वनडे फॉर्मेट में दमदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें प्रदेश के लिए पिछले छह वर्षों से एक भी प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में श्रीलंका ए के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबलों में जीशान का चयन बड़ी उपलब्धि रहा।
कोच गोपाल सिंह का कहना है कि जीशान की प्रतिभा के हिसाब से मौके नहीं मिले, लेकिन उनसे कभी हिम्मत नहीं हारी। यूपी टी-20 लीग में चमकदार प्रदर्शन से उनपर सबका ध्यान गया। यहां का प्रदर्शन उन्हें आईपीएल तक लेकर गया। इंडिया ए में चयन उनके कॅरिअर के लिए काफी अहम हो सकता है। श्रीलंका ए के खिलाफ अगर जीशान को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है तो वह अपनी क्षमता को साबित कर सकते हैं।