लखनऊ लोकसभा सीट पर पांच मौके ऐसे भी आए जब महिला उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहीं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल ने लखनऊ से जबरदस्त चुनाव लड़ा था। वह पांच बार लोकसभा की सदस्य रहीं।
लखनऊ लोकसभा सीट का सियासी मिजाज महिलाओं के लिए खूब मुफीद रहा है। यहां के चुनावी रण में पांच बार महिला उम्मीदवारों ने विजय पताका फहराई। पांच ऐसे मौके भी आए जब महिला उम्मीदवार मजबूती से लड़ीं और दूसरे नंबर पर रहीं।
विज्ञापन
चुनावी शंखनाद हो चुका है। लखनऊ में चुनावी दिग्गजों ने ताल ठोक दी है। भाजपा और सपा ने तो अपने अपने पत्ते खोल दिए हैं, पर बाकी का अब भी इंतजार है। यहां का चुनावी इतिहास भले ही महिलाओं की उपलब्धियों से भरा हो, पर इस बार अब तक किसी दल ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। जबकि यहां महिला मतदाताओं की तादाद 18 लाख से ज्यादा है।
लखनऊ में जब भी महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरीं, उन्होंने जमकर बल्लेबाजी की है। इस सीट से पहली सांसद बनने का गौरव भी महिला के ही नाम है। पहले आम चुनाव में यहां से विजयलक्ष्मी पंडित लोकसभा सदस्य चुनी गई थीं।
विज्ञापन
वह पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की बहन थीं। हालांकि कुछ महीनों बाद 1952 में इसी परिवार की श्योराजवती नेहरू ने लखनऊ से लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। वह स्वतंत्रता सेनानी भी रही थीं।
शीला कौल ने बनाया था रिकॉर्ड
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल ने लखनऊ से जबरदस्त चुनाव लड़ा था। वह पांच बार लोकसभा की सदस्य रहीं। वह 1971, 1980 और 1984 में लखनऊ से जीतीं। वहीं 1989 और 1991 में रायबरेली से चुनी गईं। उनका लखनऊ में सबसे ज्यादा मत प्रतिशत से जीतने का रिकॉर्ड रहा। उन्हें 1971 में 1,71,019 मत मिले थे जो 71.61 प्रतिशत थे।
उन्होंने पुरुषोत्तम दास को हराया था। वर्ष 1977 में हालांकि वे यहां चुनावी मैदान में मात खा गईं। हेमवती नंदन बहुगुणा ने शीला कौल को डेढ़ लाख मतों से हराया था। इसके बाद उन्होंने फिर से मजबूत वापसी की और 1980, 1984 में यहां से लगातार जीतकर अपना परचम लहराया। हालांकि उनके बाद यहां कोई महिला नहीं जीती।
हारीं पर जमकर लड़ीं
पांच बार ऐसा हुआ जब लखनऊ सीट पर महिलाएं दूसरे स्थान पर रहीं। वे भले ही चुनाव हार गई हों, पर जमकर लड़ीं। शीला कौल के अलावा भी यहां महिलाओं ने खूब वोट बटोरे। वर्ष 2004 के चुनाव में सपा से डॉ. मधु गुप्ता चुनावी मैदान में उतरीं। उन्हें यहां एक लाख से ज्यादा वोट मिले।
चुनाव अटल बिहारी वाजपेयी जीते। पिछला चुनाव राजनाथ सिंह ने जीता। सपा से चुनाव लड़ीं पूनम शत्रुघ्न सिन्हा को दो लाख 85 हजार से ज्यादा वोट मिले। इससे पहले रीता बहुगुणा भी दो बार चुनाव लड़ीं और मुख्य मुकाबले में रहीं।