धर्मांतरण और यौनशोषण के आरोपों में फरार चल रहे केजीएमयू लखनऊ के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के मामले में लखनऊ पुलिस की जांच का दायरा पीलीभीत तक फैल गया है। बुधवार को लखनऊ पुलिस की एक टीम ने न्यूरिया कस्बे पहुंचकर आरोपी चिकित्सक के पैतृक घर के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा किया। इससे पहले पुलिस ने प्रकरण में जुड़े काजी और निकाह के गवाह के शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फीलखाना में स्थित घरों पर छापा मारकर अहम जानकारियां जुटाईं।
इसके बाद पूर्व में लखनऊ पुलिस ने न्यूरिया पहुंचकर जांच की थी। इस दौरान एक रिश्तेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। इसमें घर को दान में दिए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके साथ ही जांच में निकाह करने वाले काजी जाहिद हसन और उसमें गवाह बने युवक शारिक के भी शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फीलखाना के होने की बात सामने आई थी।
इस पर लखनऊ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से काजी और गवाह के घर भी छापा मारकर जानकारी जुटाई थी। जांच के दौरान पुलिस को दोनों लोगों से जुड़ी अहम जानकारियां भी मिलने की बात सामने आई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डॉक्टर और महिला के पीलीभीत आए बिना ही कूटरचित तरीके से निकाह के कागजात तैयार कराए गए थे। करीब एक घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई।