डीआरएम ने वार्ता के दौरान बताया कि लखनऊ कानपुर रेलखंड की स्पीड 160 किमी प्रति घंटे तक हो सकेगी। कानपुर तक अभी तीन कॉशन हैं, जहां ट्रेनों की गति कम करनी पड़ती है। इन्हें घटाया जा रहा है। ट्रैक स्पीड बढ़ने से हाईस्पीड ट्रेनों को चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा। लखनऊ से दिल्ली जाने वाली गाड़ियां 160 की रफ्तार तक से चल सकेंगी।
कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर गुरुवार से फिर से शताब्दी और एलटीटी एक्सप्रेस चलने लगेंगी। इसके साथ ही लखनऊ से कानपुर जाने वाली मेमू शाम 4:40 बजे के बजाय 3:49 बजे आएगी। स्टेशन मास्टर सुधांशु मोहन के मुताबिक, गंगापुल की मरम्मत के कारण 30 अप्रैल तक मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसके लिए 26 ट्रेनें निरस्त की गई थीं। छह का समय और 52 ट्रेनों का रूट बदला गया है। 12179/80 लखनऊ इंटरसिटी ट्रेन का रूट मेगा ब्लॉक के दौरान लखनऊ से आगरा, मथुरा, कासगंज, वाया सीतापुर कर दिया गया था। अब रेलवे ने इसे दोबारा कानपुर-लखनऊ रूट से ही संचालित करने का निर्देश दिया है।
वहीं, 12003 शताब्दी एक्सप्रेस जो लखनऊ, मुरादाबाद व गाजियाबाद रूट पर चल रही थी। इसे फिर से लखनऊ-कानपुर रूट किया है। 22121/22 लखनऊ एलटीटी एक्सप्रेस मेगा ब्लॉक के कारण कानपुर तक ही संचालित की जा रही थी। अब यह ट्रेन दोबारा लखनऊ तक चलेगी। 16094 लखनऊ-चेन्नई एक्सप्रेस आधा घंटा देरी से चलाई जा रही थी। उसे दोबारा निर्धारित समय से संचालित किया जाएगा। 64211 लखनऊ-कानपुर मेमू डेढ़ घंटा देरी से चल रही थी। अब यह लखनऊ से केवल आधा घंटा देरी से चलाई जाएगी।