आईआरएस अधिकारी अमित निगम की पत्नी और मां पर जालसाजी कर 44.05 लाख रुपये हड़पने का केस दर्ज हुआ है। पीड़ित मंजरी डेवलपर्स के पार्टनर राजीव सिंह की इस एफआर्ईआर पर गाजीपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महानगर के महालक्ष्मी अपार्टमेंट निवासी राजीव कुमार सिंह मंजरी डेवलपर्स के पार्टनर है। राजीव के मुताबिक, अमित निगम की पत्नी डाली निगम व उनकी मां उमा निगम ने वर्ष 2018 में उनसे संपर्क किया। दोनों ने शाहजहांपुर में स्कूल निर्माण कराने के लिए वर्कआर्डर दिया। स्कूल निर्माण पर 77.05 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन दोनों ने मिलकर महज 33 लाख ही दिए। शेष रकम 44.05 लाख रुपये देने के लिए टालमटोल करने लगे। वह चार साल तक इन रुपये के लिए तकादा करता रहा। इसके लिए 22 नवंबर 2022 को इंदिरानगर सी-ब्लॉक स्थित उनके कार्यालय गया तो उसे भगा दिया। साथ ही रुपये के लिए दबाव बनाने पर जान से मारने की धमकी दी।
राजीव के मुताबिक, डाली और उमा के दिए ढाई-ढाई लाख रुपये चेक बाउंस हो गया था। इसकी जानकारी देने पर दोनों का रवैया टालमटोल का था। परेशान होकर कोर्ट में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया। इसकी सुनवाई चल रही है।
अमित निगम पर दर्ज है आय से अधिक संपत्ति का केस
आईआरएस अमित निगम की तैनाती लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में रही। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने पिछले साल उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया था। इसमें कहा गया है कि जनवरी 2008 से 30 जून 2018 के बीच निगम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, लखनऊ समेत अन्य जिलों में बतौर एडिशनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर के पद तैनात रहे। उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए आठ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की। इस दौरान दिल्ली के जहांगीरपुरी में फ्लैट, लखनऊ के जानकीपुरम एक्सटेंशन व हरदोई रोड स्थित आम्रपाली योजना में संपत्ति, इंदिरानगर में पत्नी के नाम से 2.43 करोड़ की संपत्ति और तीन मंजिला मकान भी खरीदा था।