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लखनऊ: 'बच्चों मुझे माफ करना, ये किसी से न कहना कि डैडी ने फांसी लगाई.., ये लिखकर लोहा कारोबारी ने लगाई फांसी

Mon, 17 Mar 2025 06:24 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Suicide in Lucknow: लखनऊ के सीमांतनगर निवासी लोहा कारोबारी कृष्ण कुमार यादव (50) ने आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। 
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लखनऊ के कारोबारी ने लगाई फांसी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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(बच्चों मुझको माफ करना, मैंने आप लोगों को बहुत दुख दिया, बेटा किसी से ये मत कहना कि डैडी ने फांसी लगाई है, सबसे यह कहना कि हार्ट अटैक से मर गए।) यह लाइन गुडंबा के सीमांतनगर निवासी लोहा कारोबारी कृष्ण कुमार यादव (50) ने आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह कुछ दिनों से तनाव में थे और इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली।

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इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कृष्ण कुमार यादव की शकुंतला स्टील के नाम से लोहा सरिया की दुकान है। सोमवार सुबह 6:30 बजे उनकी पत्नी पुष्पा घर के प्रथम तल पर बने उनके कमरे में पहुंची तो कृष्ण कुमार को पंखे में चादर के सहारे लटकते हुए देखा। उन्होंने मदद के लिए शोर मचा दिया। शोर सुन परिवार के लोग भागकर छत पर पहुंचे। वह लोग उनको फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित के दिया। कृष्ण कुमार के बेटे ललित की सूचना पर पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गई। ललित ने बताया कि पिता ने काफी समय पहले एक प्लाट मां के नाम से खरीदा था। मां ने चुपचाप प्लाट बेटी के नाम कर दिया। रुपयों की जरूरत होने कृष्ण कुमार मां से प्लॉट के बारे में बात की तो उन्होंने रुपया और जमीन देने से मना कर दिया। इसकी वजह से वह काफी परेशान थे। कृष्ण कुमार के परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।

सुसाइड नोट पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में लिया
बच्चों मुझको माफ करना, मैंने आप लोगों को बहुत दुख दिया। बेटा किसी से ये मत कहना कि डैडी ने फांसी लगाई है। सबसे यही कहना कि हार्ट अटैक से मर गए। सुसाइड नोट में एक पांच लाख रुपये और दूसरी ढाई लाख रुपये के इंश्योरेंस होने का भी जिक्र किया है। उन्होंने बेटे से दोनों बहनों और मां का ख्याल रखने और जो है उसी में संतुष्ट रहने की भी बात लिखी है। सुसाइड में लिखा है कि आज से रहीमनगर वालों के बुरे दिन शुरू होने की भी बात लिखी है। बच्चों की शादी नहीं कर पाने पर भी अफसोस जताया। अंत में लिखा एक बदनसीब बाप।

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