फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब लखनऊ जू में कटेगी दर्शकों की जेब

Tue, 29 Oct 2013 02:23 AM IST
नीरज/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
चिड़ियाघर में जानवरों को देखने के लिए दर्शकों को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
विज्ञापन


इतना ही नहीं दर्शक चाहे या न चाहे लेकिन उसे मछली घर, नक्टर्नल हाउस और प्रकृति चित्रण केंद्र का किराया भी देना होगा।

इनके टिकट भी प्रवेश टिकट में अनिवार्य रूप से जोड़ दिए गए हैं। अब चिड़ियाघर में टिकट कॉम्बो पैक में ही मिलेंगे।

मछली घर, रात्रिचर और प्रकृति चित्रण केंद्र के साथ प्रवेश टिकट लेने वाले दर्शकों को 60 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

इन सुविधाओं के साथ बाल रेल व बैटरी ऑपरेटेड वाहन का लुत्फ लेने वाले दर्शकों को टिकट पर 100 रुपए खर्च करने होंगे। जबकि बच्चों के लिए टिकट पर क्रमश: 30 व 50 रुपए का रखा गया है।

अक्षर ज्ञान ने जगाई बेहतर कल की उम्मीद

जू में हेल्थ एडवाइजरी कमेटी की बैठक मंगलवार को होनी है। टिकट में बढ़ोत्तरी का यह निर्णय सोमवार को प्रमुख सचिव वन वीएन गर्ग की अध्यक्षता में हुई एडवाइजरी कमेटी/मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक में हुआ।
विज्ञापन


निदेशक प्राणि उद्यान अनुपम गुप्त ने बताया कि पहले प्रवेश के लिए प्रति दर्शक 60 रुपये व बच्चों के लिए 30 रुपये चुकाने पड़ते थे। इसमें मुख्यद्वार, मछली घर, रात्रिचर, प्रकृति चित्रण केंद्र शामिल था।

सिर्फ एंट्री टिकट लेने वालों को 30 रुपये व बच्चों के लिए 15 रुपये का टिकट लेना पड़ता था। लेकिन दर्शकों को दिक्कत न हो इसलिए एकल टिकट की सुविधा दी गई है।

जिसके तहत मछली घर, रात्रिचर, प्रकृति चित्रण केंद्र की टिकट दरें समाप्त कर इसे प्रवेश टिकट में ही शामिल कर दिया गया है। अब टिकट मूल्य बड़ों के लिए 60 रुपये व बच्चों के लिए 30 रुपये होगा।

इसके अलावा बैटरी ऑपरेटेड वाहन व बाल रेल के साथ प्राणि उद्यान घूमने वालों के लिए टिकट का मूल्य 100 रुपये और बच्चों के लिए यह दर 50 रुपये कर दी गई है। इसमें मछली घर, रात्रिचर, प्रकृति चित्रण केंद्र का टिकट भी शामिल है।

उल्लेखनीय है कि पहले दर्शक सिर्फ 30 रुपये में एंट्री टिकट खरीदता था लेकिन, अब उसे एंट्री के लिए 60 रुपये खर्च करने होंगे, जिसमें अनिवार्य रूप से मछली घर, रात्रिचर, प्रकृति चित्रण केंद्र का भ्रमण भी शामिल कर दिया है।

जबकि बच्चों के लिए अब 30 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके अलावा स्टिल कैमरे के टिकट और विदेशी पर्यटकों की अलग श्रेणी को समाप्त कर दशकों से चल रही अनावश्यक परंपरा को दरकिनार कर दिया है।

हटाया जाएगा नाला और अपशिष्ट गृह
जू के भीतर से गुजरने वाले नाले को स्थानांतरित करने व चिड़ियाघर के बाहर मौजूद अपशिष्ट गृह को हटाने का निर्णय भी परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया है।

इसके अलावा परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कमेटी सदस्यों ने असंतोष जताया है। इसके साथ ही जू निदेशक को वित्तीय वर्ष में होने वाले कार्यों की समीक्षा हर 15 दिन पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन


इतना ही नहीं जू आने वाले दर्शकों के लिए पार्किंग की मुकम्मल व्यवस्था करने और इसके लिए जमीन चिह्नित करने का निर्णय हुआ है।

चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी
नवम्बर में चार एशियाई बब्बर शेर जू आने वाले हैं। शेरों की देखरेख में कोई कमी न रह जाए, इसलिए संविदा पर पशु चिकित्सकों को रखने का निर्णय लिया गया है।

वर्तमान में वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ल और डॉ. अशोक कश्यप यहां कार्यरत हैं। सूत्रों की मानें तो दो संविदा पर दो चिकित्सकों को तैनात करने की योजना है। इसके बाद जू में चिकित्सकों की संख्या चार हो जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें