जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने जिले को 24 सेक्टर में बांटकर तय की अलग-अलग 24 अधिकारियों की टीमों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनके क्षेत्र में किसी भी मरीज को कोई कठिनाई न होने पाए। शिकायत प्राप्त होने पर न केवल समस्या का निस्तारण हो बल्कि जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाए। यदि सेक्टर अधिकारी द्वारा अनियमितता करने वाले अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि सेक्टर वार गठित टीमों में मजिस्ट्रेट, प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और पुलिस के अधिकारी हैं। उक्त अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि उनके एरिया में जितने भी कोविड हास्पिटल हैं, वह अनिवार्य रूप से सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे अपने यहां उपलब्ध/भरे हुए बेड की स्थिति पोर्टल पर दर्ज कराएंगे। साथ ही उसकी सूची अस्पताल के बाहर भी चस्पा कराना सुनिश्चित करेंगे। यही नहीं अस्पताल वर्गवार बेड की स्थिति उपलब्ध कराएंगे कि उनके यहां कितने आइसोलेशन, ऑक्सीजन, आईसीयू आदि बेड हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि कोविड रोगियों के उपचार के लिए जीरो टॉलरेंस नीति बनाई गई है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर अधिकारी 24 घंटे अपने क्षेत्र में आने वाले कोविड अस्पतालों में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों की भर्ती सुनिश्चित कराएंगे। अधिकारी अपने क्षेत्र के अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए समन्वय भी सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल द्वारा कोविड रोगियों से इलाज के लिए अधिक वसूली नही की जाएगी।
सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में अस्पतालों की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधनों को भी चेताया है कि कोई भी कोविड मरीजों के परिजनों को ऑक्सीजन या अन्य दवाओं के लिए गुमराह न करे। शिकायत मिलने पर संबंधित अस्पताल के विरुद्ध एपेडेमिक एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।