खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर गोमतीनगर के होटल में तुर्कमेनिस्तान निवासी रोजा को पकड़ने पहुंचे आरोपियों के मामले की जांच अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को सौंप दी गई है। वहीं, विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरओ) भी मामले की जांच कर रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी और रोजा को नारी निकेतन भेजे जाने के बाद गोमतीनगर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट आईबी को भेजी थी। आईबी अब रोजा के बारे में जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फिलहाल रोजा कहां रह रही है और उसकी गतिविधियां क्या हैं।
इधर, एफआरओ यह भी जांच कर रहा है कि रोजा ने तुर्कमेनिस्तान के अलावा किसी अन्य देश का फर्जी पासपोर्ट तो नहीं बनवाया है। एफआरओ अभी तक उसे तुर्कमेनिस्तान डिपोर्ट नहीं कर सका है। फिलहाल वह नारी निकेतन में रह रही है। अधिकारियों के मुताबिक, डिपोर्ट करने की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।
ये है मामला: 15 अगस्त की रात अभिनव सिंह और शिवम चौहान, एक महिला के कहने पर गोमतीनगर के विकासखंड-3 स्थित होटल क्रिस्टेलिया में रोजा को पकड़ने पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताया और होटल कर्मचारियों को बंधक बना लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से विदेश मंत्रालय से संबंधित 478 फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुए थे।