फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षकों से बीएलओ ड्यूटी लेने पर हाईकोर्ट की रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब

Sun, 23 Sep 2018 09:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
विज्ञापन
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा कानून (आरटीई एक्ट) के प्रावधानों के मद्देनजर शिक्षकों की बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) के रूप में ड्यूटी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि याची शिक्षकों की बीएलओ के रूप में ड्यूटी न लगाई जाए।
विज्ञापन


जस्टिस इरशाद अली ने यह आदेश रचना पांडेय व अन्य शिक्षकों की याचिका पर दिया है। याचियों ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ के रूप में ड्यूटी रद्द करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि एक्ट की धारा 27 कहती है कि शिक्षकों की गैर शिक्षण कामों में ड्यूटी न लगाई जाए। उनकी ड्यूटी जनगणना, आपदा राहत कार्य, नगर पालिका व विधानसभा या लोकसभा चुनावों से संबंधित कार्यों के लिए ही लगाई जा सकती है। 

याचियों का कहना था कि अभी चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में बीएलओ के रूप में उनकी ड्यूटी लगाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराना सही नहीं है। इस पर अदालत ने फिलहाल शिक्षकों की बीएलओ के तौर पर ड्यूटी लगाने पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार व अन्य पक्षकारों को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। इसके बाद याचियों को प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें