इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 11 की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर भारत के अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने पक्षों को छह सप्ताह के भीतर अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मामले को छह सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में लर्नर लाइसेंस के लिए आधार नंबर जमा करने पर आधार में दर्ज विवरण लाइसेंस जारी करने वाले प्राधिकरण को स्वतः मिल जाते हैं। यह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 4 और धारा 8(6) के विपरीत है। आधार कार्ड आयु का प्रमाण नहीं है।
धारा 4 के तहत अधिकांश वाहनों के लिए डीएल प्राप्त करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और कुछ वाहनों के लिए 16 वर्ष है। याचिका में कहा गया कि मौजूदा व्यवस्था 16 या 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को लाइसेंस जारी करने की गुंजाइश छोड़ती है। साथ ही, धारा 8(3) के तहत अपेक्षित शारीरिक फिटनेस की जांच भी सुनिश्चित नहीं होती।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज दिखाकर बताया कि मृत व्यक्ति के आधार नंबर से लर्नर लाइसेंस जारी हुआ। अदालत ने इसे व्यवस्था के दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे की आशंका का आधार माना। कुछ मामलों में आधार विवरण के साथ अश्लील तस्वीरें भी ऑनलाइन जमा कर लाइसेंस जारी होने का दावा किया गया।