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हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 'आधार और राशन कार्ड का डाटा एक जैसा करे सरकार'

Thu, 13 Dec 2018 05:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Lucknow High Court
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राशन वितरण में घपलों पर अंकुश लगाने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आधार व राशन कार्ड की सीडिंग यानी इनका डाटा एक जैसा करने के लिए कहा है। अदालत ने प्रदेश सरकार से अपेक्षा जताई है कि वह यूआईडीएआई के सर्वर पर कार्डधारकों की सीडिंग नौ महीने में पूरा कर लेगी।   
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 न्यायमूर्ति अताउर्रहमान मसूदी ने यह आदेश राशन दुकान में घपला करने की आरोपी मुन्नी देवी की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान दिए। याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा, अगर संभव हो तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रखने के लिए सीडिंग का काम नौ महीने से पहले पूरा किया जाए। 

याचिका की सुनवाई के दौरान नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक अजय गोपाल भरतरिया अदालत में उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि राशन की दुकानों से हो रहे घपलों को रोकने के लिए जरूरी है कि सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ कर यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के सर्वर पर डेटा अपलोड (सीडिंग) कर दिया जाए। जब तक 100 प्रतिशत कार्डों की सीडिंग नहीं हो जाती, गलत काम होते रहेंगे।
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13.76 करोड़ कार्ड, 35.26 प्रतिशत की ही सीडिंग

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश में 13.76 करोड़ राशनकार्ड नागरिकों को जारी किए गए हैं। इनमें से 12,45,79,973 आधार कार्ड से जोड़े जा चुके हैं। यह करीब 90.53 फीसदी है। 

लेकिन कुल 4,39,30,285 कार्ड ही यूआईडीएआई के सर्वरों पर सीड किए गए हैं। यह आंकड़ा 35.26 प्रतिशत ही है। अभी 64.74 प्रतिशत कार्डों की सीडिंग बाकी है। इस काम को जिला प्रशासन और राशन दुकानदार मिलकर कर रहे हैं।

एक व्यक्ति का काम नहीं ऐसे घपले : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार उचित निर्देश जारी करे और राशन दुकानदारों को डाटा अपडेट रखने के लिए कहे। वहीं राशन कार्ड के जरिए जिस प्रकार के घपले सामने आ रहे हैं, उससे संदेह पैदा होता है कि यह एक ही व्यक्ति का काम नहीं है। उप्र खाद्य एवं रसद आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव से यह अपेक्षा की जाती है कि सीडिंग प्रक्रिया को एनआईसी के साथ मिलकर तेज करें। वे स्वयं एक महीने में उचित आदेश जारी करें। 
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आसान शब्दों में समझें क्या है सीडिंग

आधार लिंकअप के बाद भी राशन अनाज वितरण में धांधली की शिकायतें सामने आ रही हैं।  खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अब उसी नाम पर राशन मिलेगा जो नाम आधार कार्ड में फीड होगा। लाभार्थी के नाम के मिलान में यदि एक अक्षर की भी गलती हुई तो कार्डधारक को सस्ता अनाज नहीं मिलेगा। सीडिंग के तहत राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ कर यूआईडीएआई के सर्वर पर डाटा अपलोड कर दिया जाएगा। इसी प्रक्रिया को सीडिंग कहते हैं।
 
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