राजधानी को 24 घंटे बिजली मिले इसके लिए लेसा और नगर निगम संयुक्त रूप से काम करेंगे। लेसा ने चार प्रोजेक्ट का प्रस्ताव नगर निगम को दिया है। इसमें बिजली के तारों को भूमिगत करने से लेकर स्मार्ट मीटर, स्मार्ट शिकायत केंद्र पर काम होगा। सौर ऊर्जा से भी लोगों को जोड़ा जाएगा। ज्यादा बिजली बनने पर ग्रिड को इस बिजली को बेचा भी जा सकेगा।
स्मार्ट सिटी के लिए शुरू हुई कवायद में लेसा 24 घंटे बिजली आपूर्ति के स्मार्ट समाधान खोज रहा है। लेसा की योजना के मुताबिक खर्च को कम कर आधुनिक तकनीक और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर जोर रहेगा।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पीकेश्रीवास्तव के मुताबिक, इन सभी प्रोजेक्ट को शहर को स्मार्ट बनाने में उपयोग किए जाने की संभावना तलाशी जाएगी। जहां लोगों को बिजली की आपूर्ति के लिए बेवजह की दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। वहीं बिना कटौती के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
राजधानी से बिजली के तार गायब
स्मार्ट सिटी के लिए पहला काम लेसा और नगर निगम बिजली के तारों को भूमिगत करने का करेंगे। लेसा शहर में चार जगहों पर इस काम को अभी करा रहा है। इनमें विकासनगर चौराहा, हुसैनाबाद ट्रस्ट क्षेत्र, केजीएमयू से नक्खास तक, अमीनाबाद मार्केट में काम होना है।
हुसैनाबाद और विकासनगर में काम शुरू भी हो चुका है। लेसा ने मांग की है कि बाकी शहर में काम के लिए नगर निगम ट्रेंच उपलब्ध कराए। इससे तारों को भूमिगत करने का काम कराया जा सकेगा।
8.5 लाख स्मार्ट मीटर बताएंगे बिल
लेसा स्मार्ट-मीटर पर काम करेगा। लेसा ने प्रोजेक्ट में बताया है कि शहर में अभी 1,000 घरों में स्मार्ट-मीटर लगाए गए हैं। यहां कोई कर्मचारी रीडिंग लेने नहीं जाता। कंप्यूटर सर्वर खुद ही रीडिंग लेकर मैसेज भेज देता है।
यह मीटर सिमकार्ड जैसी चिप पर काम करता है जोकि मीटर में ही लगा होता है। कनेक्शन धारक खुद ही ऑनलाइन बिल जमा कर देता है। शहर में करीब 8.5 लाख स्मार्ट-मीटर लगने हैं। प्रति मीटर की कीमत करीब 10,000 रुपए है। ऐसे में यह काफी महंगा प्रोजेक्ट हो जाएगा।
कनेक्शन नंबर बताएगा लोकेशन
लेसा शहर के अलग-अलग इलाकों में अपने ऑनलाइन शिकायत केंद्र विकसित करेगा। यहां लोगों की कॉल आएंगीं। यहां हर कनेक्शन नंबर की जियो-लोकेशन (सैटेलाइट की मदद से भौगोलिक चिन्हीकरण) तय होगी।
कनेक्शन नंबर बताते ही सर्वर कनेक्शन धारक की लोकेशन जियो-मैप पर बता देगा। इलाके की मौजूद वैन को भी यह लोकेशन मिल जाएगी। इससे न्यूनतम समय में समस्या को दूर किया जा सकेगा। इस केंद्र से बकायेदारों को ऑटोमेटिक कॉल जाएगी।
सौर ऊर्जा से बिजली बेचिए
लेसा अपने ग्रिड सिस्टम को भी बेहतर करेगा। इसमें दो तरह से काम होगा। एक तो सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने पर काम होगा। लोग सोलर पैनल से बिजली पैदा करेंगे। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को वापस दिया जा सकेगा। नेट मीटरिंग से उपभोक्ता से ग्रिड को दी गई बिजली की कीमत काटकर बिल बनेगा। दूसरे, एक फीडर या सब स्टेशन से बिजली फेल होने पर यह तुरंत सिस्टम बिजली आपूर्ति को दूसरी जगह से चालू कर देगा।
हम शहर की बिजली आपूर्ति को स्मार्ट बनाना चाहते हैं। इसमें खर्च को कम किया जाएगा। वहीं आसानी से हमारी वैन को शिकायत वाले इलाकों में भेजने में मदद मिलेगी। ग्राहकों को भी पेपरलेस और बिना लाइन केकाम कराने में आसानी होगी।
एसके वर्मा, चीफ इंजीनियर, लेसा