लखनऊ का कोचिंग अग्निकांड।
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चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी
छह नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, एनिमेशन सेंटर के संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेटशॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, नेटवर्किंग का काम करने वाले सुरेश कुमार, धीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला व अन्य शामिल हैं। इनमें चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई।
इसके बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र के परिवार के धीरेंद्र और सुरेंद्र की तलाश में दो टीमें गठित की गई हैं। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इन बिंदुओं पर जांच जारी
पुलिस भवन संचालन, अग्नि सुरक्षा उपायों, फायर एनओसी, बिजली कनेक्शन व अन्य अनुमतियों के बारे में जांच कर रही है। इसके लिए एलडीए, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत निदेशालय समेत अन्य विभागों से तकनीकी एवं अभिलेखीय रिपोर्ट मांगी गई है। सभी आरोपियों पर उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। जेसीपी का कहना है कि इस मामले में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
देर रात तक जारी रहा पोस्टमार्टम
शवों की पहचान के बाद पुलिस ने पहले परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शासन के निर्देश पर सोमवार रात में ही शवों के पोस्टमार्टम शुरू कर दिए गए। मंगलवार तड़के तक सभी शवों के पोस्टमार्टम का काम पूरा हो गया। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिए गए। मृतकों के परिवार वालों को प्रशासन की ओर से सहायता राशि देने का काम भी जारी है।