फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ अग्निकांड: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- 15 युवाओं का जान गंवाना राज्य की दयनीय स्थिति दिखाता है

Sat, 04 Jul 2026 10:48 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Lucknow High Court: लखनऊ अग्निकांड पर लखनऊ हाईकोर्ट  ने सख्त टिप्पणी की है।  न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश एक स्थानीय अधिवक्ता की जनहित याचिका पर दिया। 
विज्ञापन
लखनऊ अग्निकांड। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के अलीगंज में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड मामले में सख्त टिप्पणी की कि घटना में 15 युवा लोगों का जान गंवाना राज्य की दयनीय स्थिति दिखाता है। कोर्ट ने ऐसी घटनाओं को रोकने के संदर्भ में कहा कि इससे पता चलता है कि मौजूदा कार्यप्रणाली न तो पर्याप्त है, न ही प्रभावी है। अदालत ने वर्ष 2022 में हजरतगंज के लेवाना होटल अग्निकांड समेत ऐसी अन्य घटनाओं का हवाला देकर कहा कि इनके संबंध में दाखिल याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें आदेश भी दिए गए हैं। लेकिन, ऐसी घटनाएं होने पर जब लोग चोटिल होते या जान गंवाते हैं तब ही अफसर तेजी से कारवाई करते हैं। 

विज्ञापन


कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ राज्य सरकार को निर्देश दिया कि भवन नियमों, अग्नि सुरक्षा उपायों के पालन के साथ अफसरों कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करके कार्यप्रणाली पेश करे। साथ ही आवास एवं शहरी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, उप्र आवास विकास परिषद के आयुक्त, यू पी पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक समेत प्रमुख सचिव ऊर्जा को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने इस सभी पक्षकारों को 4 अगस्त के पहले याचिका पर इन टिप्पणियों के प्रकाश में अपने जवाबी हलफनामे दाखिल करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश एक स्थानीय अधिवक्ता की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में घटना की स्वतंत्र, समयबद्ध और न्यायालय द्वारा निगरानी करने वाली समिति के गठन के लिए निर्देश देने के अनुरोध किया गया है। राज्य सरकार की ओर से सीएससी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि मामले में राज्य सरकार समुचित प्रभावी कार्यवाही कर रही है, जिससे आगे ऐसी घटनाएं न हों। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे।
विज्ञापन


स्थानीय अधिवकता शिवेंदु पांडेय ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा महानिदेशक, लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लखनऊ के नगर आयुक्त, एलडीए के उपाध्यक्ष, लखनऊ के जिला अधिकारी और पांच अन्य प्राधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें