इमारत में नहीं थी धुआं निकलने की व्यवस्था
अलीगंज अग्निकांड के बाद इमारत की खामियां सामने आ रही हैं। इस बिल्डिंग में धुआं निकलने की व्यवस्था नहीं थी। पुरनिया चौकी प्रभारी शुभम तिवारी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में भी इसका जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक अलीगंज सेक्टर डी कॉलोनी के निकट लालबत्ती पुरनिया चौराहा यूपीएससी भवन के पीछे मकान नंबर 2813 में आग लगी थी। इससे पूरे इमारत के अंदर व सभी कमरों में धुआं भर गया था।
कमरे के अंदर धुंआ भर जाने के कारण दम घुटने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ घायल हो गए। छानबीन में सामने आया है कि प्रतिष्ठान के मैनेजर, डायरेक्टर व उनके सहयोगी व अन्य लोगों ने फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं की थी। बिल्डिंग में आकस्मिक रूप से निकलने व प्रवेश की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। भवन में जाने-आने का एक ही मुख्य रास्ता था। अन्य कोई निकास द्वार या आकस्मिक द्वार नहीं था और बिजली की व्यवस्था अनियमित तरीके से थी।
रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंग में कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे धुंआ बाहर निकल सके। इमारत में असुरक्षित तरीके से अंदर ही एसी के आऊटर व अन्य बिजली के उपकरण लगे थे। सुरक्षा के उपाय नहीं होने से अग्निशमन कर्मियों व एनडीआरएफ ने किसी तरह दीवार को काटकर प्रवेश किया।
आरोपियों को पता था कि ऐसी आकस्मिक स्थिति में लोगों की जान जा सकती है। बावजूद इसके आरोपियों ने जानबूझकर लापरवाही की। अग्निकांड के दौरान आसपास के घरों व फ्लैटों में भी आग फैलने की संभावना थी। अगल-बगल के लोग भी काफी दहशत में थे।