जून ही नहीं पूरे 14 माह का होगा हिसाब
ईंधन अधिभार मामले में नियामक आयोग के फैसले के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को हर हाल में राहत दिलाई जाएगी। अब सिर्फ जून ही नहीं बल्कि 14 माह का हिसाब होगा। नियामक आयोग के अध्यक्ष से मिलकर मांग की जाएगी कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पूरी गणना की समीक्षा करें और नए सिरे से आदेश जारी करें।
क्योंकि आयोग ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि पावर कार्पोरेशन सिर्फ जून माह में ही नहीं बल्कि 14 माह से गलत तरीके से उपभोक्ताओं से ईंधन अधिभार वसूल रहा है। उपभोक्ता परिषद जल्द ही आयोग में पुन याचिका लगाएगी। गलत तरीके से हुई वसूली उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित कराया जाएगा।
आयोग से मांग की जाएगी कि पूरे 14 माह की नए सिरे से समीक्षा की जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। प्रदेश सरकार से भी अपील की जाएगी। गलत गणना के लिए पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की जाएगी।
यदि संबंधित अधिकारियों को एफपीपीसीए लागू करने की सही प्रक्रिया और फार्मूले का ज्ञान नहीं था, तो प्रदेश की जनता पर गलत वित्तीय भार क्यों डाला गया ? इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।