लखनऊ अग्निकांड में एसआईटी ने पिछले सात दिनों में भवन स्वामी, संबंधित विभागों के अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए। अभी तक लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), अग्निशमन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग भी अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज चुके हैं।
लखनऊ के अलीगंज स्थित अवैध व्यावसायिक इमारत में संचालित गेमिंग जोन में लगी आग में 15 लोगों की मौत के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) मंगलवार को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, विभागों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के बाद दो सदस्यीय एसआईटी गठित कर एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने पिछले सात दिनों में भवन स्वामी, संबंधित विभागों के अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज किए। साथ ही भवन के नक्शे, निर्माण की स्वीकृति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। सभी तथ्यों के मिलान के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है।
इस बीच लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), अग्निशमन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग भी अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज चुके हैं। प्रारंभिक जांच में अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और विभिन्न विभागों की लापरवाही सामने आई है। माना जा रहा है कि एसआईटी रिपोर्ट में हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की जवाबदेही तय करने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी अहम सिफारिशें की जाएंगी।