अंधेरे और धमाकों से सहमे श्रमिक
आग लगने से होटल में अंधेरा छा गया और ताबड़तोड़ धमाकों की आवाजें आने लगीं, जिससे श्रमिक सहम गए। धुएं के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। सूचना मिलते ही सीएफओ अंकुश मित्तल और इंदिरानगर, गोमतीनगर, चौक व हजरतगंज फायर स्टेशनों के प्रभारी 13 गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे।
दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन बी-1 से उठ रहे काले धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में कठिनाई होने लगी। आनन-फानन सभी दमकल कर्मियों ने ब्रीथिंग ऑपरेटिंग सेट पहनकर आग पर काबू पाना शुरू किया।
एहतियात के तौर पर मंगाई गई एंबुलेंस
पुलिसकर्मियों ने एहतियात के तौर पर करीब छह एंबुलेंस मंगवाईं और पास की दुकानों से पानी लाकर श्रमिकों को पिलाया, जिससे वे कुछ देर बाद सामान्य हो सके। सुरक्षा की दृष्टि से होटल के दोनों ओर की सड़क को ब्लॉक कर दिया गया।
धुएं के कारण दमकल कर्मियों को देखने में समस्या आ रही थी, इसलिए उन्होंने पहले स्मोक एग्जॉस्ट की मदद से धुएं को बाहर निकाला।
करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात नौ बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इंस्पेक्टर अमर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग का कारण मशीन से निकली चिंगारी बताई जा रही है। सीएफओ अंकुश मित्तल ने किसी जनहानि से इनकार किया है। हादसे की असल वजह की जांच की जाएगी।