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Lucknow: निर्माणाधीन होटल में लगी आग, धुएं में फंसे 200 श्रमिक; 13 गाड़ियों ने पांच घंटे में पाया काबू

Fri, 06 Feb 2026 09:56 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

विभूतिखंड थाने के पास निर्माणाधीन सात मंजिला होटल के बेसमेंट में आग लगने से अफरातफरी मच गई। धुएं में फंसे 200 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल की 13 गाड़ियों ने करीब पांच घंटे में आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
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धुंआ निकलता हुआ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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लखनऊ में विभूतिखंड थाने के बगल स्थित निर्माणाधीन सात मंजिला होटल ताज के बेसमेंट में शुक्रवार शाम को भीषण आग लग गई। इस हादसे में बेसमेंट में काम कर रहे 200 श्रमिक धुएं के कारण फंस गए थे। हालांकि, दूसरे तल पर काम कर रहे श्रमिकों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटनास्थल पर पहुंची दमकल की 13 गाड़ियों की मदद से करीब पांच घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ।

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होटल में बेसमेंट के बी-1, बी-2, बी-3 और ऊपर चार मंजिल हैं। बेसमेंट के बी-1 में टाइल्स और डेकोरेशन का काम चल रहा था, जहां लगभग 200 श्रमिक काम कर रहे थे। बी-3 में वायरिंग हो रही थी। शाम करीब चार बजे, बी-3 में पत्थर और टाइल्स काटते समय मशीन से निकली चिंगारी पास रखे ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आ गई, जिससे आग भड़क उठी। 

डेकोरेशन के सामान और ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे श्रमिक फंस गए। हालांकि, अन्य तलों पर काम कर रहे श्रमिकों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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अंधेरे और धमाकों से सहमे श्रमिक

आग लगने से होटल में अंधेरा छा गया और ताबड़तोड़ धमाकों की आवाजें आने लगीं, जिससे श्रमिक सहम गए। धुएं के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। सूचना मिलते ही सीएफओ अंकुश मित्तल और इंदिरानगर, गोमतीनगर, चौक व हजरतगंज फायर स्टेशनों के प्रभारी 13 गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। 

दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन बी-1 से उठ रहे काले धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में कठिनाई होने लगी। आनन-फानन सभी दमकल कर्मियों ने ब्रीथिंग ऑपरेटिंग सेट पहनकर आग पर काबू पाना शुरू किया।
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एहतियात के तौर पर मंगाई गई एंबुलेंस

पुलिसकर्मियों ने एहतियात के तौर पर करीब छह एंबुलेंस मंगवाईं और पास की दुकानों से पानी लाकर श्रमिकों को पिलाया, जिससे वे कुछ देर बाद सामान्य हो सके। सुरक्षा की दृष्टि से होटल के दोनों ओर की सड़क को ब्लॉक कर दिया गया। 
धुएं के कारण दमकल कर्मियों को देखने में समस्या आ रही थी, इसलिए उन्होंने पहले स्मोक एग्जॉस्ट की मदद से धुएं को बाहर निकाला।

करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद रात नौ बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इंस्पेक्टर अमर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग का कारण मशीन से निकली चिंगारी बताई जा रही है। सीएफओ अंकुश मित्तल ने किसी जनहानि से इनकार किया है। हादसे की असल वजह की जांच की जाएगी।
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