एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन को यह प्रस्ताव भी दिया जाएगा कि विवाद समाप्त होने के बाद एलडीए को अंसल टाउनशिप विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाए। अंसल को शहीद पथ पर सुशांत गोल्फ सिटी नाम से हाईटेक टाउनशिप बसाने का लाइसेंस साल 2005 में शासन ने दिया था। ऐसे में एलडीए को जिम्मेदारी मिलेगी या नहींं यह शासन ही तय करेगा।
05 अप्रैल 2028 तक है अंसल के पास लाइसेंस
एलडीए वीसी ने बताया कि पहली बार अंसल को 2015 में लाइसेंस मिला था और पांच साल में टाउनशिप विकसित करनी थी। पहले योजना 6465 एकड़ की थी। उसके बाद साल 2023 में डीपीआर संशोधित हुआ और योजना 4690 एकड़ की रह गई। आखिरी बार छह अप्रैल 2023 में अंसल का लेआउट पास हुआ। शर्तों के तहत लेआउट पास होने के बाद पांच साल का समय योजना विकसित करने के लिए दिया जाएगा ऐसे में अभी पांच अप्रैल 2028 तक समय अंसल के पास था। अब दिवालिया होने के बाद अंसल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए शासन को रिपेार्ट भी भेजी जाएगी।
बिना सुने एनसीएलटी ने जारी किया आदेश
एलडीए वीसी ने कहा कि एनसीएलटी ने एलडीए या आवास विकास को पक्षकार नहीं बनाया था। नोटिस भी नहीं जा रही की थी। एक पक्षीय आदेश जारी किया है। एलडीए का अंसल पर जमीनों का करीब 450 करोड़ रुपये बकाया है उसको भी संज्ञान में नहीं लिया। ऐसे में एनसीएलटी का निर्णय एलडीए को मान्य नहीं है। इसके खिलाफ अपीलीय ट्रिब्यूनल में जाएगा और एनसीएलटी को भी बताया कि अंसल पर उसकी कितनी देनदारी है।