राहुल के अनुसार, कुछ देर के बाद कामिनी के पिता भीमा गौतम, दोनों भाई सुमित व अमित लाठी-डंडा और चाकू लेकर वहां पहुंचे। उन लोगों ने न कोई बातचीत की और न कुछ बोलने का मौका दिया। गाली-गलौज करते हुए राम सागर पर टूट पड़े। आरोपी सुमित ने चाकू से राम सागर की गर्दन, सीने व पेट पर वार किए। सभी ने लात-घूसों से भी बेरहमी से पीट-पीट कर राममागर को अधमरा कर दिया।
राहगीरों की वजह से बची राहुल की जान
राहुल ने बताया कि उन्होंने राम सागर को बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनपर भी चाकू से हमला किया जिसमें उनके पेट, हाथ व आंख पर मामूली चोटें लगीं। वह शोर मचाते हुए सड़क की तरफ भागे। कुछ बाइक सवार मदद के लिए पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग गए। राहुल राहगीरों की मदद से घायल राम सागर को सीएचसी सरोजनीनगर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद राहुल ने सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
आरोपियों से पूछताछ जारी
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि राहुल की तहरीर पर सुमित, अमित और भीमा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। हमले के आरोपी एक किशोर को भी पकड़ा गया है।