फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow: शत्रु संपत्तियां अब किराये पर नहीं दी जाएंगी, सरकार करेगी नीलामी; गृह मंत्रालय ने दिए निर्देश

Thu, 13 Aug 2026 04:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ

सार

किरायेदारी अथवा लीज का अनुबंध खत्म होने पर गृह मंत्रालय इन संपत्तियों को कब्जे में लेकर नीलाम करेगा।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शत्रु संपत्तियों को अब सरकार न किराये पर देगी और न ही लीज पर। लीज का नवीनीकरण भी नहीं होगा। किरायेदारी अथवा लीज का अनुबंध खत्म होने पर गृह मंत्रालय इन संपत्तियों को कब्जे में लेकर नीलाम करेगा। जिन संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं उनको 15 दिन में खाली करने का समय दिया जाएगा। तय समय में अवैध कब्जा न हटाने पर बेदखली की कार्रवाई होगी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर अभिरक्षा कार्यालय लखनऊ ने संबंधित जिलों के डीएम को इस संबंध में पत्र लिखा है।

विज्ञापन


यूपी और उत्तराखंड में करीब 5600 शत्रु संपत्तियां हैं। बेशकीमती इन संपत्तियों पर ज्यादातर अवैध कब्जे हैं। जो किराये या लीज पर हैं उनसे सरकार को नाममात्र का किराया मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर राजधानी के हजरतगंज स्थित हलवासिया मार्केट जो 10 हजार वर्गमीटर में बना है और इसका महीने का किराया मात्र 700 रुपये है।

इसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि शत्रु संपत्तियों के कब्जेदारों की जांच कर उन्हें खाली कराएं। जिन लोगों के पास वैध अनुबंध नहीं है, उनसे 15 दिन में परिसर खाली कराके संपत्ति पर कब्जा लें। जिन लोगों के पास वैध किरायेदारी, लीज या लाइसेंस है उनकी अवधि पूरी होने के बाद उनसे संपत्ति खाली कराएं। किसी भी अनुबंध की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। तय समय के बाद भी संपत्ति खाली नहीं करने वालों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई करें। 
विज्ञापन


दशकों से लीज पर होने की वजह से किराया बेहद कम 
राजधानी में हलवासिया मार्केट शत्रु संपत्ति पर है। यह संपत्ति करीब दस हजार स्क्वायर मीटर है। दशकों से लीज पर है। इसका महीने का किराया करीब 700 रुपये है। यह संपत्ति राजधानी के सबसे पॉश इलाके हजरतगंज में है। किराया न के बराबर है, इससे अभिरक्षा कार्यालय को आर्थिक रूप से काफी नुकसान हो रहा है। अगले साल इसकी लीज खत्म हो रही है। 

  • इसी तरह से कोहली ब्रदर्स, जो करीब चार सौ स्क्वायर मीटर में है, उसका किराया 250 रुपये प्रति महीना है। कपूर होटल 8 हजार, टाटा समूह 3000 और महाटेक्स हैंडलूम, जो करीब 400 स्क्वायर मीटर में है, उसका किराया 2 हजार रुपये प्रति महीना ही वसूला जा रहा है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें