लखनऊ। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड में उम्रदराज हो चुकीं सीएनजी बसें हटाई जा रही हैं। ऐसे में चालकों-परिचालकों को नियमित ड्यूटी नहीं मिल पा रही है, जिसका असर उनके वेतन पर पड़ रहा है। उप्र नगरीय परिवहन कर्मचारी संघ की ओर से चालकों-परिचालकों को नियमित ड्यूटी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई है। साथ ही सौ नई सिटी बसें जल्द खरीदने की मांग उठाई गई है।
संघ के प्रदेश संयोजक राजकमल सिंह ने बताया कि सीएनजी बसों की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्हें रूट से हटाया जा रहा है। संचालन योग्य वाहनों के अभाव में चालकों और परिचालकों को नियमित ड्यूटी नहीं मिल पा रही है, जिससे उनका वेतन घटकर सात हजार रुपये मासिक तक सिमटकर रह गया है। जब तक नई बसें नहीं खरीदी जातीं, तब तक चालकों-परिचालकों को उत्कृष्ट उत्तम योजना का पूरा लाभ बिना कटौती दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कामन मोबाइलिटी कार्ड और स्मार्ट हैंडीकैप कार्ड के प्रयोग में बीते दो वर्षों के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
संघ ने 44वीं बोर्ड बैठक में पारित आठ प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि आदेश को अब तक लागू नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही यातायात निरीक्षक (टीआई) भर्ती में शैक्षिक योग्यता व मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर भूख हड़तालव कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त एवं सिटी बस एमडी से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा है। मंडलायुक्त ने एमडी आरके त्रिपाठी को समस्याएं निस्तारित करने को कहा है।