रेहान के मुताबिक, बुधवार रात वह इमरान व अरमान के साथ कार में गैस डलाने जा रहा था। मुसाहिबगंज चुंगी के पास रात करीब 10:50 बजे शिवम, उमेश, साहिल और उनके साथियों ने उन्हें रोका था। इसके बाद आरोपियों ने पहले तो उनके साथ गाली-गलौज की।
इसके बाद इमरान और अरमान को लाठी-डंडे से पीटने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों भाइयों को पीटने के बाद शिवम और चीना ने उन्हें गोली मार दी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में हत्या का आरोपी शिवम 1:14 मिनट पर भागते हुए दिखा है। इससे साफ है कि हमलावर करीब 24 मिनट तक घटनास्थल पर ही उत्पात मचाते रहे।
इस दौरान न तो स्थानीय लोगों ने कोई कदम उठाया और न ही पुलिस उधर से गुजरी। वहीं, रेहान ने बताया कि वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकला था। उसने घटना की खबर परिवारीजनों को दी। इसके बाद घायल इमरान व अरमान को ट्रॉमा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था। मुख्य आरोपी शिवम व चीना के पकड़े जाने पर ही असल विवाद का पता चल सकेगा।
प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी साहिल श्रवण साहू हत्याकांड के मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर अकील अंसारी का ड्राइवर रह चुका है। श्रवण हत्याकांड में भी साहिल का नाम आया था। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उसे हिरासत में लिया था। हालांकि पड़ताल में उसकी कोई भूमिका नहीं मिली थी।
शिवम के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक,मुख्य आरोपी शिवम सिंह के खिलाफ ठाकुरगंज व चौक कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज हैं। 2015 में उसके खिलाफ ठाकुरगंज में रंगदारी मांगने का पहला केस दर्ज हुआ था। इसके बाद आर्म्स एक्ट और मारपीट समेत अमानत में खयानत के चार मामले दर्ज हुए। इन मामलों में शिवम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पांच सितंबर को उसे शांति भंग में पाबंद किया गया था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटनास्थल से ठाकुरगंज थाने की दूरी महज 500 मीटर है। इसके बावजूद पुलिस करीब घंटेभर बाद मौके पर पहुंची। रात 11:30 बजे के बाद इमरान और अरमान को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गयाए तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हालांकि, एसएसपी का कहना है कि ठाकुरगंज थाने के सब इंस्पेक्टर विशाल कुमार बुधवार रात गश्त पर थे। सूचना के पांच मिनट के अंदर वह मौके पर पहुंच गए थे। बाद में उन्होंने थाने पर सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बुलवाई थी।
तू भाग जा तुझसे कोई मतलब नहीं है...
वारदात के दौरान कैब में इमरान व अरमान का दोस्त निशांत भी बैठा था। इससे पहले इमरान ने अपने एक दोस्त जलालू को उसके घर पर छोड़ा था। तीन चाय पैक कराकर घर जा रहे थे। निशांत के मुताबिक, बदमाशों ने कैब रोकने के बाद इमरान और अरमान को बाहर खींचकर मारना शुरू कर दिया। जब उसने विरोध किया तो उससे कहा कि तू भाग जा तुझसे कोई मतलब नहीं है। जब बदमाशों ने उस पर तमंचा तान दिया तो वह परिवारीजनों को सूचना देने पहुंच गया।
इमरान व अरमान के घर पहुंचे एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार ने सरकार से एक करोड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की है। साथ ही परिवार को पेंशन देने की भी मांग की।