यह है पूरा मामला: पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि शुक्रवार की रात ठेकेदार ने सड़क बनाई। शनिवार सुबह मौके पर गए और पाया कि हाथ लगाने से पूरी बजरी ऐसे उखड़ गई जैसे वह बिना तारकोल मिलाए ही डाल दी गई हो। नगर आयुक्त गौरव कुमार और जोनल अभियंता अतुल मिश्रा से उन्होंने शिकायत की। पार्षद ने बताया कि बीते साल एलडीए ने कॉलोनी हैंडओवर के एवज में जो रुपये दिए थे, उसमें से कुछ पैसा टेंडर में प्रतिस्पर्धा होने से बच गया था। अब उसी धनराशि से सड़क बनाने के लिए टेंडर हुआ था।
ठेकेदार पर लग चुका है जुर्माना, अब प्राथमिकी होगी: नगर निगम अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि सड़क पर अभी केवल पैचवर्क के रूप में मोटी गिट्टी की परत डाली गई थी। महीन गिट्टी वाली परत अभी डाली जानी थी। कुछ स्थानों पर उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता भी घटिया मिली। नगर निगम ने इसे अपने विभागीय गैंग के जरिये हटवाया। निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार पर 15 नवंबर को 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब ठेकेदार को एक वर्ष के लिए डिबार (प्रतिबंधित) करने की कार्रवाई की गई है। जल्द ही एफआईआर भी कराई जाएगी।
मंडलायुक्त ने दी चेतावनी : मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े हर कार्य की निरंतर निगरानी आवश्यक है। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या निम्न गुणवत्ता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य के लिए एक मजबूत और स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाए तथा सभी निर्माण कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए। जिन कार्यों में लापरवाही मिलेगी उन पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।