जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में एक मेडिकल रूम बनाए जाने का निर्देश दिया है। जिसमें दो बेड, चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध होने के साथ ही चिकित्सीय जानकारी रखने वाले व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
विद्यालय में पल्स आक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर व सैनेटाइजर की सुविधा अनिवार्य है। प्रत्येक छात्र की पल्स आक्सीमीटर व थर्मल स्कैनर से जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विद्यालय दो शिफ्टों में तीन-तीन घण्टे का होगा। एसेम्बली नहीं होगी। स्कूल में 6 दिन का सप्ताह रहेगा। उन्होंने विद्यालय खुलने से पहले छात्रों के बैठने के स्थान पर, खेल के मैदान में सैनेटाइजेशन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कमरों की खिड़कियां व दरवाजे खुले रखे जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालय के वाहन की क्षमता से आधे बच्चे ही बैठाए जाएं साथ ही स्कूल का एक स्टाफ भी अटेंडेंट के रूप वाहन में मौजूद रहे।