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लखनऊ: बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण, एक हजार बीघा फसल फसल के नुकसान का आकलन

Sun, 04 Oct 2026 02:16 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ से हुए नुकसान और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। डीएम ने हयात नगर मोड़ के पास नगर निगम की ओर से लगाए गए राहत एवं बचाव कैंप का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को नुकसान का आकलन कर सरकारी सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
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गोमती का जलस्तर बढ़ने से चढ़ा पानी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड अंतर्गत बाढ़ प्रभावित हयात नगर मोड़, दौलतखेड़ा और सैथा गांव का रविवार दोपहर डीएम विकास जी अय्यर, नगर आयुक्त गौरव कुमार और ज्वाइंट कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर बबलू कुमार ने निरीक्षण किया। नगर निगम की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

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अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ से हुए नुकसान और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। डीएम ने हयात नगर मोड़ के पास नगर निगम की ओर से लगाए गए राहत एवं बचाव कैंप का निरीक्षण किया।

उन्होंने कैंप में राहत व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फसल और सब्जियों को नुकसान हुआ है। डीएम ने एक हजार से अधिक बीघा फसल और सब्जियों के नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित किसानों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
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संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। वहीं, हयात नगर मोड़, दौलतखेड़ा और सैथा गांव का निरीक्षण करने के बाद डीएम का काफिला गुलमीखेड़ा और टाड़खेड़ा, सुखलाल खेड़ा जाने लगा लेकिन रास्ते में गोमती नदी के पानी का अत्यधिक जलभराव होने के कारण काफिले को वापस लौटना पड़ा।

इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। डीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए।
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