लखीमपुर कांड को लेकर विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के सदस्य वेल में आ गए और टेनी को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। परिषद के सभापति मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से नियम 105 के तहत भी इस पर चर्चा की मंाग की गई है। ऐसे में एक ही विषय को दो बार उठाने का कोई मतलब नहीं है। हंगामे के बीच सभापति ने कार्रवाई 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। प्रश्नकाल के बाद समाजवादी पार्टी ने नियम 105 के तहत इस मुद्दे को उठाया और कहा कि टेनी के घर पर बुल्डोजर कब चलेगा। सपा के शशांक यादव ने कहा कि मंत्री पहले खुलेआम किसानों को धमका रहे थे और अब मीडिया के लोगों का धमका रहे हैं।
सपा के नरेश उत्तम पटेल, राजेश यादव और राजपाल कश्यप ने कहा कि एसआईटी ने लखीमपुर की घटना को सुनियोजित साजिश बताया है। यह साबित हो गया है टेनी की ही गाड़ी से जानबूझकर किसानों को कुचला गया। इस मामले में अब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को क्यों बचाया जा रहा है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि अजय टेनी केंद्रीय गृह मंत्री हैं उन्हें यूपी सरकार कैसे हटा सकती है? इस पर राजपाल कश्यप ने कहा कि घटना यूपी में हुई है तो कार्रवाई यूपी सरकार ही करेगी कोई और सरकार कार्रवाई नहीं करेगी।
सपा के कार्यवाहक नेता सदन राम सुंदर दास निषाद ने कहा कि न्यायालय ने मृतकों को मुआवजा देने और घायलों को इलाज के लिए मुआवजा देने की बात कही गई है। लेकिन सरकार ने अब तक घायलों को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। कांग्रेस के दीपक सिंह ने भी इसी मामले को उठाते हुए कहा कि सरकार इस मामले में शुरू से ही लीपापोती कर रही थी। पहले वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था। प्रियंका गांधी को तीन दिनों तक अवैध हिरासत में रखा गया। जवाब में नेता सदन दिनेश शर्मा ने कहा कि जो भी घटना हुई है उसमें तत्पर्रता से कार्रवाई की गई है। अब तक बड़ी संख्या में लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। जिन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई गई है। घायलों के मामलों का भी जल्द निस्तारण कराया जाएगा।