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लखनऊ: एसी जनरथ के इंजन से बहने लगा कूलेंट, बस में धुंआ भरने से मचा हड़कंप; उतारे गए यात्री

Sun, 08 Mar 2026 10:13 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Accident in Lucknow Janrath bus: चालक ने बताया कि एसी जनरथ बस की मरम्मत अवध डिपो में बीती रात हुई थी। ऐसे में बारह घंटे भी बस खड़े होने लायक नहीं रही। अवध डिपो में बसों की मरम्मत का काम निजी हाथों में है।
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बस में धुआं भरने से हड़कंप। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 कैसरबाग बस अड्डे पर रविवार दोपहर उस वक्त हादसा टल गया, जब गोरखपुर रूट पर जाने वाली एसी जनरथ बस के इंजन से अचानक कूलेंट बहने लगा। इतना ही नहीं देखते ही देखते कूलेंट इंजन से रिवर्स होकर बस में भी पहुंच गया और बस धुंए से भी भर गई। आनन-फानन यात्रियों को बस से उतारा गया। बस को जैसे-तैसे वापस अवध डिपो भेजा गया।

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दरअसल, होली बाद लखनऊ से पूर्वांचल रूट के जिलों के लिए यात्रियों की भीड़ रविवार को शहर के सभी बस अड्डों पर पहुंच रही थी। अवध डिपो की एसी जनरथ बस संख्या यूपी 14 एफटी 4027 रविवार दोपहर बस अड्डे पर खड़ी थी। इंजन स्टार्ट था तथा परिचालक यात्रियों को बिठा रहा था। इसी बीच बस के इंजन से हरे रंग का पदार्थ नीचे बहने लगा। चालक ने बताया कि यह कूलेंट है, जो इंजन को ठंडा रखने का काम करता है। यह गर्म होता है तथा त्वचा पर पड़ने से फफोले पड़ जाते हैं। देखते ही देखते कूलेंट इंजन से रिवर्स होकर बस के अंदर भी बोनट तक पहुंच गया। साथ ही इंजन से भयंकर धुंआ निकाल, जो बस में भर गया। इस बीच बस में जो यात्री बैठे हुए थे, वह जान बचाकर बाहर निकल आए। चालक-परिचालक ने आसपास के लोगों को भी बस से दूर करवाया। कूलेंट का बहना जब बंद हुआ तो उसमें पानी मिलाया गया। जिसके बाद बस वापस अवध डिपो मरम्मत के लिए ले जाई गई।

12 घंटे पहले ही हुई थी मरम्मत
चालक ने बताया कि एसी जनरथ बस की मरम्मत अवध डिपो में बीती रात हुई थी। ऐसे में बारह घंटे भी बस खड़े होने लायक नहीं रही। अवध डिपो में बसों की मरम्मत का काम निजी हाथों में है। जिनके कर्मचारी बसों की मरम्मत को लेकर लापरवाही बरतते हैं। गनीमत रही कि बस कैसरबाग बस अड्डे पर ही थी। बीच रास्ते होने पर जनरथ बस से हादसा हो सकता था।
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बिल लाखों का, मरम्मत जीरो
सूत्र बताते हैं कि अवध डिपो में बसों की मरम्मत करने वाली निजी एजेंसी सिर्फ कमाई पर फोकस कर रही है। महीनों का लाखों रुपये का मेंटीनेंस का बिल बनाकर जमा कर रही है, लेकिन बसों की दुर्दशा सुधर नहीं रही है। एक आंकड़े के मुताबिक प्रतिदिन 30 से 35 एसी बसें खराब ही रहती हैं, जिनकी मरम्मत नहीं होती। जबकि एसी बसों के बेड़े में करीब 90 बसें ही हैं। ऐसे में एजेंसी की कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए।

दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई
कैसरबाग बस अड्डे पर एसी जनरथ बस के इंजर से कूलेंट बहने की घटना संज्ञान में आई है। मामले को लेकर अवध डिपो में बसों की मरम्मत करने वाली एजेंसी से पूछताछ की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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-अमरनाथ सहाय, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज

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