प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना स्लाटर हाउस चलाने और जल प्रदूषण फैलाने के आरोप में मेरठ स्थित अल फहीम मीटेक्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक मोहम्मद इमरान कुरैशी व मोहम्मद फिरोज कुरैशी के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। इस पर सुनवाई के लिए जल और वायु प्रदूषण की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट यशा शर्मा ने छह जुलाई की तारीख तय की है।
कोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण इंजीनियर प्रखर मिश्र की ओर से दायर परिवाद पर विशेष लोक अभियोजक एके चौबे ने बताया कि आरोपी मोहम्मद इमरान कुरैशी ने वर्ष 2019 तक स्लाटर हाउस चलाने के लिए बोर्ड से अनुमति ली थी। इसके बाद वह बिना अनुमति के स्लाटर हाउस चला रहे हैं।
बोर्ड के अधिकारियों ने 31 मार्च 2022 को स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया तो पाया कि फैक्टरी में लगातार काम चल रहा था। उससे निकलने वाले गंदे पानी व अन्य अवशिष्ट को बिना साफ किए बहते पानी में फेंक कर जल प्रदूषण किया जा रहा है। कोर्ट ने बोर्ड के परिवाद को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए वादी का बयान दर्ज करने के लिए छह जुलाई की तारीख तय की है।