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Lucknow News: लखनऊ शहर से हटाए जाएंगे बिजली के अधीक्षण अभियंता

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पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने माना इनकी जरूरत नहीं, जिलों में होगी तैनाती


माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने माना है कि, मंशा के अनुरूप राजधानी लखनऊ के अधीक्षण अभियंता (एसई ) उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण एवं बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने में उनकी अहम भूमिका नहीं रह गई है। इसलिए शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंताओं पर हटाए जाने की तलवार लटक गई है। ऐसे अधीक्षण अभियंताओं को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के उन जिलों में तैनात किया जाएगा, जहां के लोग फेल हो चुके हैं।

मध्यांचल निगम की 22 अगस्त को हुई समीक्षा के दौरान प्रबंधन और मुख्य अभियंताओं के बीच सहमति बन गई है। इससे किसी भी क्षण यह एसई लखनऊ शहर से हट सकते हैं। प्रबंधन ने निर्देश दिए कि इन एसई को हटाने के बाद अधिशासी अभियंताओं को जिम्मेदारी दे दी जाए।
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सिर्फ बचेंगे ग्रामीण अधीक्षण अभियंता

प्रबंधन ने यूं तो सभी एसई को हटाने का निर्देश दिया था। मगर, लखनऊ के दो मुख्य अभियंताओं की पैरवी पर एसई ग्रामीण को बख्श दिया गया है। जबकि शहरी क्षेत्र में एसई मनोज गुप्ता, मुकेश कुमार त्यागी, कमलेश कुमार चौधरी, रमेश चंद्र पांडेय, गीता आनंद, प्रेमलता सिंह तैनात हैं। इनमें रमेश चंद पांडेय का 30 सितंबर का रिटायरमेंट है, जिससे वह बचेंगे, बाकी अन्य कभी भी हट सकते हैं।

तीन-तीन मंडल का चार्ज

एसई प्रेमलता सिंह के पास तीन-तीन मंडल का चार्ज है। इनमें इंदिरानगर एवं गोमतीनगर वितरण एवं निर्माण मंडल की जिम्मेदारी शामिल हैं। इसी प्रकार गीता आनंद के पास बीकेटी एवं महानगर मंडल का चार्ज है। जबसे गोमतीनगर के अधीक्षण अभियंता हटे दूसरी की तैनाती नहीं हुई। इसी प्रकार महानगर मंडल की कुर्सी खाली चल रही है।
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रात 10 बजे सो जाते अधीक्षण अभियंता, हम जागते रहते

राजधानी के एक मुख्य अभियंता ने बताया कि उनके अधीक्षण अभियंता खाना खाकर रात 10 बजे सो जाते हैं। हम रात एक बजे तक उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनकर उनकी समस्या का निराकरण कराते रहते हैं। ऐसे अधीक्षण अभियंताओं की तैनाती से उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं है।

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