जब्त मीटरों के साथ जांच टीम और मौके पर मीटर खोलकर जांच करते कर्मचारी
गऊघाट उपकेंद्र इलाके में नई तकनीकी से हो रही बिजली चोरी का खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। पॉवर कॉरपोरेशन ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए आमर्ड केबल और स्मार्ट मीटरों को लगाने की मुहिम शुरु की। मगर, बिजली चोरों ने भी चोरी करने की नई तकनीकी खोज ली, जो सोमवार को बेनकाब हुए। इस बिजली चोरी का खुलासा टीम के छापे से हुआ, जिसमें सात उपभोक्ताओं के घरों के कनेक्शन को काट स्मार्ट मीटरों को जब्त कर जांच शुरु की गई है। इन स्मार्ट मीटरों में अधिकतम 70 फीसदी तक बिजली चोरी की जा रही थी। यानी 10 यूनिट बिजली जलने पर महज तीन यूनिट को स्मार्ट मीटर दर्ज कर रहा था।
लखनऊ सेंट्रल जोन के मुख्य अभिंयता रवि कुमार अग्रवाल एवं चौक मंडल के अधीक्षण अभियंता रमेश चंद पांडेंय ने संयुक्त रूप से सोमवार रात को बताया कि गऊघाट उपकेंद्र के तहत सज्जादबाग दौलतगंज में 25 घरों पर छापे की कार्रवाई कराई गई । इसमें नसीब जहां, मीना मोहम्मद शान, नसरीन, शमशुददीन, आयशा मंसूर, मोहम्मद हारिश आलम के घरों में लगे स्मार्ट मीटर सुस्त पाए गए, जिन पर पुलिस में बिजली चोरी का केस दर्ज हुआ है। जो सात मीटर जब्त किए गए उनमें चार लेटेस्ट एवं तीन पुरानी तकनीकी वाले शामिल हैं।
ऐसे लगा रहे थे चपत
जांच टीम का नेतृत्व करने वाले ठाकुरगंज के एक्सईएन दीपक कुमार बताया कि एक्सपर्ट ने बिजली चोरी कराने के लिए एक ही तकनीकी को अपनाया है। इसके लिए उसने टर्मिनल प्लेट को खोल करके इनकमिंग एवं आउटगाइंग के फेज और न्यूट्रल वायर को बाइपास किया। इससे स्मार्ट मीटर की रीडिंग दर्ज करने की क्षमता सुस्त हो गई थी।
जब्त मीटरों के साथ जांच टीम और मौके पर मीटर खोलकर जांच करते कर्मचारी