लखनऊ में साड़ियों की बिक्री।
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करवा चौथ के मौके पर सबसे ज्यादा सराफा बाजार में रौनक रही। सबसे ज्यादा मंगलसूत्र और ब्रेसलेट बिके। इसके अलावा डिजाइनर पायलों की भी खूब डिमांड रही। जुगल किशोर ज्वैलर्स के राजन रस्तोगी बताते हैं कि एक से तीन लाख तक के मंगलसूत्र और ब्रेसलेट खूब पसंद किए गए। 2500-10 हजार तक की डिजाइनर पायलों की खूब मांग रही जबकि 30 हजार से शुरू होने वाली प्लेटिनम रिंग भी खूब बिकी हैं। ज्वैलरी के अलावा पतियों ने करवा चौथ पर अपनी पत्नियों के लिए महंगी घड़ियां भी खूब खरीदीं। हजरतगंज स्थित प्रीमियम घड़ियों के शोरूम के मैनेजर प्रियदर्शन निगम ने बताया कि पिछले दो दिनों में 10-15 हजार की रेंज की लेडीज एनालॉग घड़ियां भी खूब बिक रही हैं। हालांकि, प्रीमियम रेंज में उनके पास 1-7 लाख तक की घड़ियां हैं। एक ग्राहक ने 12.5 लाख की प्रीमियम रेंज की लेडीज घडियां खरीदी हैं।
करीब 150 करोड़ की बिक गईं साड़ियां
करवा चौथ को लेकर सबसे ज्यादा भीड़ साड़ियों की दुकानों पर देखी गई। इस बार महिलाओं ने पूजा में पहनने के लिए चटख रंग की लाल, पीली, महरून व रानी कलर की चरखन, सिल्क और बंधेज की साड़ियां खूब बिकीं। आलमबाग स्थित श्री राधेकृष्ण साड़ीज के सुमित कनोडिया बताते हैं कि इस बार साड़ियों की अच्छी बिक्री हुई है। अकेले आलमबाग में ही हर रोज 2.5 करोड़ का कारोबार हो रहा है। पूरे लखनऊ में करवा चौथ पर ही करीब 150 करोड़ रुपये का कारोबार का अनुमान है।
करवाचौथ पर खरीदारी करतीं महिलाएं।
करवा चौथ की पूजा में इस्तेमाल होने वाले मिट्टी के रंग बिरंगे करवा भी खूब बिके। सामान्य करवा 40-50 तो सितारों व गोटे से सजे मिट्टी के रंग बिरंगे करवा 100-150 रुपये तक में बिके। इसके अलावा पूजा के सामान व करवा सेट की भी खूब मांग रही। स्टील उत्पाद में थाली, लोटा, चलनी व कटोरी आदि के सजे धजे सेट भी 300-500 रुपये में खूब बिके। पूजा के दौरान पति का चेहरा देखने में इस्तेमाल चलनी 30-40 तो स्टील की चलनी 120-150 रुपये में बिकी। इसके अलावा पूजा में इस्तेमाल चूड़ा, खील व बताशा भी खूब बिका। हालांकि, यह पिछले साल के मुकाबले 20-30 रुपये प्रति किलो तक मंहगे रहे। चूड़ा 100-120 रुपये तो खील 220-250 रुपये प्रति किलो तक बिका।