विधान भवन के पास रविवार शाम को स्कूटी सवार लॉन्ड्री मालिक की गर्दन में चीनी मांझा फंस गया। जब वह स्कूटी रोक पाते तब तक सांस नली एक नस कट गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। गर्दन में 12 टांके लगाए गए हैं। करीब 12 सेमी घाव है।
निशातगंज सातवीं गली निवासी 52 वर्षीय दिलीप कनौजिया की लॉन्ड्री है। बेटे सौरभ ने बताया कि रविवार दोपहर को वह कपड़े देने के लिए स्कूटी से चारबाग गए थे। शाम करीब चार बजे वह वापस घर लौट रहे थे। वह विधान भवन के सामने पहुंचे ही थे कि तभी उनके गर्दन में मांझा फंस गया। जिससे स्कूटी पर नियंत्रण खो बैठे और गिर गए। पुलिस वालों ने जब उनको उठाया तो देखा कि गर्दन कट गई। खून से लथपथ दिलीप को पुलिसकर्मियों ने सिविल अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को भी सूचना दी। सौरभ के मुताबिक पिता की हालत गंभीर है। वह कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि परिजन अगर तहरीर देंगे तो केस दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हिम्मत दिखाई...तो बच गई सांस नली
जैसे ही दिलीप की गर्दन में मांझा फंसा वैसे ही उन्होंने स्कूटी का हैंडिल छोड़कर मांणणे को पकड़ लिया। इससे उनके हाथ में तो चोट आई लेकिन सांस नली बच गई। सिविल अस्पताल के डॉक्टर आनंद मिश्रा ने बताया कि गर्दन की एक नस कटी। गनीमत रही कि सही समय पर दिलीप ने मांझा हाथों से पकड़ लिया, वर्ना सांस नली कट सकती थी।
शहर में चीनी मांझे हुए हादसे...
- 16 जून को अलीगंज के दिवाकर स्कूटी से बंधे से गुजर रहे थे, तभी मांझे से उनकी गर्दन कट गई थी। आठ दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी
- 10 जून 2024 : ठाकुरगंज में स्कूटी सवार युवक की कटी थी गर्दन।
- पंतनगर कॉलोनी खुर्रमनगर में जून 2020 में रियान सिंह (08) और गौरी (11) कार की सनरूफ में खड़े थे। तभी चीनी मांझा दोनों की गर्दन में फंस गया था। गहरा जख्म हुआ था। कई दिनों तक दोनों बच्चे अस्पताल में भर्ती रहे थे।
- 14 नवंबर 2020 : गोमतीनगर में हुसड़िया फ्लाईओवर से गुजर रहे बाराबंकी के लवकुश की कटी थी गर्दन।
- 12 मई 2018 : गोमतीनगर में फन मॉल के पास विजयलक्ष्मी गुप्ता की मांझे से गर्दन कट गई थी। डॉक्टर को 11 टांके लगाने पड़े थे।
- 28 नवंबर 2017 : बाजारखाला के टिकैतगंज तालाब के पास बहन को छोड़ने जा रहे इकराम की मांझे से गर्दन कट गई थी।