फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: चारबाग स्टेशन का रेल कोच रेस्टोरेंट तीन साल में बंद, पहले भी जताई जा रही थी आशंका, ये रहीं वजहें

Mon, 31 Aug 2026 08:07 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

रेल कोच रेस्टोरेंट के फेल होने का एक कारण इसका महंगा होना भी बताया जा रहा है। आम यात्रियों और स्थानीय ग्राहकों को यहां की चीेज अन्य जगहों से महंगी लगती थीं। इससे वह रेस्टोरेंट की ओर आकर्षित नहीं हुए। नतीजतन, ठेकेदार को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन
रेल कोच रेस्टोरेंट। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की एक महत्वाकांक्षी योजना विफल हो गई है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर बना रेल कोच रेस्टोरेंट ग्राहकों की कमी के कारण बंद कर दिया गया है। यह रेस्टोरेंट पांच साल के लिए ठेके पर दिया गया था मगर तीन साल में ही बंद हो गया।

विज्ञापन


रेलवे ने करीब तीन साल पहले यह रेस्टोरेंट शुरू किया था। इसका उद्देश्य पुराने रेल कोच को आधुनिक रेस्टोरेंट में बदलकर यात्रियों को स्टेशन पर ही अच्छा भोजन उपलब्ध कराना था। यह रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक थी। हालांकि, यह योजना उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई लेकिन अपेक्षित ग्राहक न मिलने से यह सफल नहीं हो सका। ठेकेदार को पांच साल की निविदा अवधि पूरी होने से पहले ही इसे बंद करना पड़ा। अब प्लेटफॉर्म के बाहर खड़ा खाली कोच इस योजना की विफलता की कहानी कह रहा है।

ये भी पढ़ें - अयोध्या: दो सितंबर को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक, मिल सकता है पहला सीईओ; कृष्ण मोहन बने रहेंगे महासचिव
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अखिलेश का आरोप: एआई के जरिए हमारे फर्जी वीडियो बनवा रही है भाजपा, डिंपल यादव के वीडियो भी नकली
विज्ञापन


गलत स्थान बनी मुख्य वजह
जानकारों का मानना है कि रेस्टोरेंट स्टेशन भवन की ओर न होकर सड़क के दूसरी तरफ बनाया गया था। यह स्थान उपयुक्त नहीं था क्योंकि यात्रियों को वहां तक पहुंचने में परेशानी होती थी। शुरुआत में कुछ ग्राहक उत्सुकता के कारण आए भी लेकिन धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या कम होती गई। जब यह रेस्टोरेंट बना था, तभी से इसके न चलने की आशंका जताई जा रही थी।

यह भी रही वजह
रेल कोच रेस्टोरेंट के फेल होने का एक कारण इसका महंगा होना भी बताया जा रहा है। आम यात्रियों और स्थानीय ग्राहकों को यहां की चीेज अन्य जगहों से महंगी लगती थीं। इससे वह रेस्टोरेंट की ओर आकर्षित नहीं हुए। नतीजतन, ठेकेदार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अंततः रेस्टोरेंट बंद हो गया।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें