उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की एक महत्वाकांक्षी योजना विफल हो गई है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर बना रेल कोच रेस्टोरेंट ग्राहकों की कमी के कारण बंद कर दिया गया है। यह रेस्टोरेंट पांच साल के लिए ठेके पर दिया गया था मगर तीन साल में ही बंद हो गया।
रेलवे ने करीब तीन साल पहले यह रेस्टोरेंट शुरू किया था। इसका उद्देश्य पुराने रेल कोच को आधुनिक रेस्टोरेंट में बदलकर यात्रियों को स्टेशन पर ही अच्छा भोजन उपलब्ध कराना था। यह रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक थी। हालांकि, यह योजना उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई लेकिन अपेक्षित ग्राहक न मिलने से यह सफल नहीं हो सका। ठेकेदार को पांच साल की निविदा अवधि पूरी होने से पहले ही इसे बंद करना पड़ा। अब प्लेटफॉर्म के बाहर खड़ा खाली कोच इस योजना की विफलता की कहानी कह रहा है।
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गलत स्थान बनी मुख्य वजह
जानकारों का मानना है कि रेस्टोरेंट स्टेशन भवन की ओर न होकर सड़क के दूसरी तरफ बनाया गया था। यह स्थान उपयुक्त नहीं था क्योंकि यात्रियों को वहां तक पहुंचने में परेशानी होती थी। शुरुआत में कुछ ग्राहक उत्सुकता के कारण आए भी लेकिन धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या कम होती गई। जब यह रेस्टोरेंट बना था, तभी से इसके न चलने की आशंका जताई जा रही थी।
यह भी रही वजह
रेल कोच रेस्टोरेंट के फेल होने का एक कारण इसका महंगा होना भी बताया जा रहा है। आम यात्रियों और स्थानीय ग्राहकों को यहां की चीेज अन्य जगहों से महंगी लगती थीं। इससे वह रेस्टोरेंट की ओर आकर्षित नहीं हुए। नतीजतन, ठेकेदार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अंततः रेस्टोरेंट बंद हो गया।