सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने एक नई शुरुआत की है। पहली बार किसी एक्सप्रेस वे को सौर ऊर्जा से जगमग किया जाएगा। इसके लिए 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को चुना गया है, जिसे सोलर एक्सप्रेस में तब्दील किया जाएगा। इस संबंध में यूपीडा ने ''एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट'' का पत्र जारी कर दिया है। 17 अगस्त तक कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं।
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही हाइवे के निर्माण और रख-रखाव को नवीकरणीय ऊर्जा से जोड़ने का खास इनोवेशन किया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को सौर ऊर्जा से लैस करेगा। यूपीडा ने एक ''एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट'' का लेटर जारी कर दिया है। जिसके अनुसार बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को सोलर एक्सप्रेस-वे में परिवर्तित करने के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
सौर ऊर्जा बनेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की पहचान
यूपीडा के मुताबिक, 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को सौर ऊर्जा चालित एक्सप्रेस-वे के तौर पर विकसित करने की कार्ययोजना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर तैयार की गई है। यूपीडा ने इच्छुक आवेदनकर्ताओं से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को सौर एक्सप्रेस-वे के तौर पर विकसित करने व सोलर पैनल्स लगाने के लिए निजी कंपनियों से आवेदन व सुझाव मांगे हैं। यूपीडा ने कहा कि 17 अगस्त दोपहर तीन बजे तक upeida2@gmail.com पर इच्छुक आवेदनकर्ता अप्लाई कर सकते हैं। आवेदनों में चुने गए आवेदनकर्ता को आगे प्रस्तुतिकरण देने के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया शुरु होगी।
15-20 चौड़ी पट्टी पर लगेंगे सोलर पैनल
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक औऱ सुविधा संपन्न एक्सप्रेस-वे में शुमार है। चार लेन वाले 296 किमी लंबे हाइवे में मेन कैरियज वे व सर्विस लेन के तौर पर दो हिस्से हैं। इन दोनों के बीच लगभग 15 से 20 मीटर चौडरी पट्टी वाला क्षेत्रफल पूरे एक्सप्रेस-वे में फिलहाल खाली है। अभी इसे कृषि भूमि से अलग करने व बाड़ लगाने के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। अब इसी क्षेत्र को सोलर पैनल्स से पाटने की योजना है।