लखनऊ। बंगाली नववर्ष के अवसर पर हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट सभागार में आयोजित समारोह की शुरुआत वंदेमातरम गीत के साथ हुई। लखनऊ बंगीय नागरिक समाज के आयोजन में बांग्ला साहित्यकार अतुल कुमार सेन की अमर कृति मोदर गोरब मोदर आशा आमोरि बांग्ला भाषा... की प्रस्तुति सुमधुर आवाज में भवानी मिट्ठू राय ने दी। अवसर पर बंगाल के महापुरुषों ईश्वरचंद्र विद्यासागर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस के चित्रों पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को सराहा गया।
लखनऊ बंगीय नागरिक समाज के मुख्य संयोजक पीके दत्ता ने वर्ष 1775 से लेकर 2026 तक लखनऊ के विकास में बंगालियों के योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अतिथियों सुधीर हलवासिया और रोहित अग्रवाल को अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया। अतिथियों का मिष्टी दोई खिलाकर स्वागत किया गया। अवसर पर डॉ. माधवी, पूनम डे, रतना बापुली, मालविका दत्ता, आतोशी दत्ता, रंजीता दत्ता, काकोली दत्ता, रेबा दत्ता, ज्योत्सना सिंह, रूबी डे, रिंकू डे, नितिन डे, प्रभात दत्ता, मुकेशानंद, कृष्णानंद राय, उत्तम राय समेत बड़ी संख्या में बंगाली समाज के लोग थे।