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लखनऊ: महिलाओं को देखकर घेर लेते हैं ऑटो चालक, ओला उबर वाले कम पैसों में ले जाने का बनाते हैं दबाव

Sun, 29 Sep 2024 11:28 AM IST
रोहित मिश्र सतीश संगम, अमर उजाला, लखनऊ

सार

Auto drivers: चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर महिलाओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। यहां ऑटो और ई-रिक्शा वाले जबरन सवारियों को बैठाने का दबाव बनाते हैं। 
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लखनऊ में ऑटो चालकों की मनमानी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर और उसके बाहर ऑटो चालकों की मनमानी डराने वाली है। यहां महिलाओं की सुरक्षा ताक पर है। रात में यहां से ऑटो, ओला और उबर की सेवाएं लेना खतरे से भरा है। अकेली महिला सवारी के लिए तो और भी खतरनाक। पुलिस की सक्रियता न के बराबर है। पुलिस है भी तो ऑटो चालकों की मनमानी पर आंखें मूदे हैं। राजधानी के मुख्य रेलवे रेलवे स्टेशन के बाहर की आंखों देखी रिपोर्ट सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलने और हकीकत बताने के लिए पर्याप्त है।

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 दिन शुक्रवार। समय रात के 12 बजे। स्थान चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर। ऑटो और ई-रिक्शों का जमावड़ा लगा है। उबर और ओला लिखी कारें भी तेजी से इधर-उधर चक्कर लगा रही हैं। इसी बीच प्लेटफॉर्म नंबर एक से यात्री संगीता, रुचि व नेहा (काल्पनिक) पांच साल के बच्चे के साथ बाहर निकलती हैं। ऑटो चालकों की नजर उन महिला सवारियों पर पड़ती है। मैडम-मैडम, कहां जाएंगी, कहां जाएंगी... दोहराते, तिहराते हुए एक झुंड उन्हें चारों तरफ से घेर लेता है। महिलाएं सहम सी जाती हैं। वे समझ नहीं पातीं कि ऑटो वालों को पास आने से रोकने के लिए क्या करें? डरकर तेज कदमों से स्टेशन की ओर चलने लगती हैं। ऑटो चालक अभी भी नहीं थमते। वे किराये की बोली लगाना शुरू कर देते हैं। 300, 250, 200 रुपये...। पर किसी तरह बैठा लेना चाहते हैं। महिलाएं उनकी नीयत भांपकर ओला और उबर बुक करने का प्रयास करती हैं।

उबर चालक बोला- बुकिंग की जरूरत नहीं, आइए छोड़ देते हैं
हैरत की बात तब लगी जब उबर चालक ने महिलाओं से कहा, आइए मैडम, हम छोड़ देते हैं। ऑनलाइन बुकिंग की कोई जरूरत नहीं। इसी बीच एक महिला ने ओला बुक कर लिया, लेकिन वाहन चालक ने पास आने के बाद कैंसिल करने की बात कही और कम किराये में ले जाने का ऑफर दिया। बुकिंग पर न ले जाने पर कुछ देर बाद महिलाएं मुख्य सड़क की तरफ बढ़ीं।

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हाथ पकड़कर बैठाने की कोशिश

स्टेशन के बाहर एक चालक ने महिला का हाथ पकड़ने की कोशिश की और ऑटो में बैठने का दबाव बनाया। ऑटो चालक कम से कम किराये में ले जाने के लिए राजी कराने लगा। लाइव रिपोर्टिंग के दौरान संवाददाता ने महिलाओं से बात की। उन्होंने बताया कि तेलीबाग जाना है। यहां किसी भी चालक का निर्धारित किराया नहीं है। ऊपर से इस तरह से दबाव बनाया जा रहा है। इनके साथ जाने में डर लगता है। महिलाओं ने कहा कि रात में चारबाग से यात्रा करना सुरक्षित नहीं। हालांकि किसी तरह एक ऑटो करके वह रवाना हुईं।

ओला उबर चालक करते हैं खेल
किसी भी स्थान से यात्रा शुरू करने से पहले उबर और ओला कंपनी के जरिये ऑनलाइन वाहन की बुकिंग की जाती है। बुकिंग के दौरान वाहन चालक का नंबर, वाहन नंबर, कंपनी का नाम व अन्य डाटा यात्री के पास सुरक्षित रहता है, लेकिन कुछ चालक इसमें खेल करते हैं। ऑनलाइन बुकिंग के जरिये यात्री के पास तो पहुंचते हैं, लेकिन वहां से बुकिंग कैंसिल कराकर कम पैसे में यात्रा कराने का ऑफर देते हैं। बताते हैं कि सीधे सवारी से मोलभाव करके यात्रा कराने पर उन्हें कंपनी का कमीशन नहीं देना पड़ता। इस स्थिति में किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी कंपनी नहीं लेती है।

लगाई जाएंगी टीमें 
पंजीकृत और अपंजीकृत ऑटो चालकों को चिह्नित किया जाएग। आरपीएफ की टीम लगाई जाएगी। चालकों की हरकत पर नजर रखी जाएगी। पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।- सचिंद्र मोहन शर्मा, डीआरएम, उत्तर रेलवे 
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