मेहंदी गंज में बना अवैध चार्जिंग स्टेशन
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लखनऊ के सहादतगंज थाना क्षेत्र में गत बुधवार को बिजली चोरी पकड़ने वाली टीम को स्कॉर्पियो कार से कुचलने का प्रयास किया गया। इस टीम में उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता एवं कर्मचारी शामिल थे। स्कॉर्पियो के सकरी गली में फंसने के कारण बड़ा हादसा टल गया था।
इस मामले में अवर अभियंता के द्वारा सहादतगंज थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया। यह मुकदमा संतोष साहू और सोनिया साहू पर दर्ज हुआ जिसमें आरोपी महिला खुद को एक्ससाइज इंस्पेक्टर होने का दावा कर रही थी।
अवर अभियंता नितेश सिंह द्वारा तहरीर देकर कहा गया कि मॉर्निंग रेड के दौरान मेहंदीगंज में संतोष साहू के अस्थाई मकान में ऑटो में बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया था। इस चोरी को पकड़ने के बाद अवर अभियंता निलेश सिंह, उपखंड अधिकारी भरत सिंह, तकनीकी कर्मी दिनेश कुमार आदि आगे जांच करने के लिए बढ़े तभी सत्येंद्र साहू ने स्कॉर्पियो से पूरी टीम को कुचलने का प्रयास किया जो पैदल ही कैम्पल रोड की तरफ चेकिंग करने जा रहे थे। इस घटना पर अधिशाषी अभियंता कुलदीप श्रीवास्तव स्थानीय पुलिस लेकर पहुंचे थे। घटना से हड़कंप मच गया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। अवैध रूप से चार्जिंग स्टेशन चलाया जा रहा था।
आरोपी पर संगठित रूप से बिजली चोरी करने का आरोप
मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि सत्येंद्र साहू संगठित रूप से बिजली चोरी करने के मामले में संलिप्त है, जिसकी कई बार शिकायतें मिली थी। इस बिजली चोरी को पकड़े जाने के बाद सत्येंद्र साहू ने अपने कपड़े फाड़ डालें और आत्मदाह करने की चेतावनी दी। साथ ही सोनिया साहू ने खुद को एक्साइज इंस्पेक्टर होने का दावा करके सबको सबक सिखाने की भी धमकी दी।