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लखनऊ: चारबाग के होटल पर एटीएस का छापा, कुछ दिन पहले ठहरे थे डॉ. शाहीन के करीबी; खंगाले गए कैमरे

Sat, 15 Nov 2025 10:33 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

ATS raid in Lucknow: एटीएस ने शनिवार को चारबाग के एक होटल पर छापा मारा। आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तार डॉ. शाहीन के करीबी कुछ दिन पहले यहां ठहरे थे।
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डॉ. शाहीन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 एटीएस ने शनिवार को चारबाग के एक होटल पर छापा मारा। आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तार डॉ. शाहीन के करीबी कुछ दिन पहले यहां ठहरे थे। एटीएस ने कर्मचारियों से इनकी जानकारी लेने के साथ होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले। छानबीन की जा रही है कि होटल में रुकने वालों ने पहचान पत्र दिए थे या नहीं।

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सूत्रों का कहना है कि शाहीन ने ही होटल में इनके ठहरने का इंतजाम किया था। जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं कि होटल में रुकने वाले कहां से आए थे? अब तक यह पता नहीं चल सका है कि शाहीन के करीबी होटल में कितने दिन तक ठहरे थे।

पड़ताल में सामने आया है कि शाहीन के स्थायी पते में पिता सईद के खंदारी बाजार स्थित आवास का जिक्र नहीं है। उसने सभी दस्तावेज में भाई परवेज के घर का पता लिखा है। एटीएस इस दिशा में भी पड़ताल कर रही है कि शाहीन ने ऐसा क्यों किया? उसके थाईलैंड जाने की बात भी सामने आई है।
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सूत्रों के मुताबिक दो माह पहले लखनऊ आने के बाद शाहीन ने परवेज से मुलाकात की थी। इसके बाद उसे लेकर कानपुर गई, लेकिन बच्चों से मुलाकात नहीं की थी। एटीएस शाहीन और परवेज के कानपुर जाने का कारण भी पता लगा रही है। पूरे मामले में परवेज का कनेक्शन खंगाला जा रहा है।

रात में ड्यूटी करता था परवेज

छानबीन में सामने आया है कि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में ड्यूटी के दौरान परवेज ने शुरू के कुछ वर्ष लगातार नाइट ड्यूटी की। उसके ड्यूटी चार्ट से एटीएस को यह जानकारी मिली है। माना जा रहा है कि वह दिन में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहता था। परवेज के घर से मिले मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क को डिकोड करने के लिए एटीएस केंद्रीय एजेंसियों से भी सहयोग ले रही है। परवेज ने जुलाई 2021 में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में बतौर रेजिडेंट डॉक्टर जॉइन किया था। इस दौरान एक वर्ष में ज्यादातर रात की शिफ्ट में ही काम किया था। पता लगाया जा रहा है कि यह एक संयोग था या साजिश।

मालदीव में तीन वर्ष रहा था परवेज

जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि परवेज तीन वर्ष तक मालदीव में रहा। एजेंसियों को संदेह है कि इसी दौरान वह कट्टरपंथियों के संपर्क में आया। एटीएस परवेज के मालदीव दौरे और वहां उसके करीबियों का पता लगा रही है। जानकारी जुटाई जा रही है कि परवेज के विदेशी दौरे का कारण क्या था?
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दुबई के मनोचिकित्सक की मिली भूमिका

जांच एजेंसियों का कहना है कि दुबई से मनोचिकित्सक डॉ. मुजफ्फर राथर पूरे माड्यूल को संचालित कर रहा था। वह सहारनपुर से गिरफ्तार डॉ. आदिल का बड़ा भाई है, जो पांच वर्ष से दुबई में है। डॉ. मुजफ्फर को यूपी में सक्रिय स्लीपर सेल का मुखिया माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मुजफ्फर के कहने पर ही डॉक्टरों का गिरोह सक्रिय किया गया। जम्मू कश्मीर पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है।
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