अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने अलीगढ़ और बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्तों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया। अलीगढ़ स्थित वेब डिस्टिलरी में तैनात सहायक आबकारी डीएन सिंह को विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है। जबकि बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्त में जनवरी में हुए जहरीली शराब कांड में आरोपियों के साथ मिलीभगत के आरोप में निलंबित किया गया है।
अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी ने अलीगढ़ के सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की संस्तुति शासन से की थी। डीएन सिंह पिछले दो वर्षों से वेब आसवनी में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर तैनात थे। बीते दिनों शराब की भराई को लेकर उच्चाधिकारियों से जांच कराई गई थी। इसमें शराब की तीव्रता निर्धारित मानक 42.8 प्रतिशत के अनुरूप नहीं पाई गई थी। जांच में पता चला था कि शराब की तीव्रता 35 प्रतिशत है। निर्धारित मानक की निगरानी न करना विभागीय लापरवाही में श्रेणी में आता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएन सिंह को निलंबित करते हुए प्रयागराज से सम्बद्ध किया गया है।
वहीं सहायक आबकारी आयुक्त संजय त्रिपाठी को बुलंदशहर में तैनाती के दौरान जनवरी में हुए जहरीली शराब कांड के आरोपियों के साथ मिलीभगत के कारण निलंबित किया गया है। इस शराब कांड में छह लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में प्रथम दृष्टया संजय त्रिपाठी मिलीभगत की बात सामने आई थी। इसके बाद उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों से जांच कराई गई थी। जांच में उनकी मिलीभगत के आरोप सही मिलने पर शासन ने शुक्रवार को निलंबन की कार्रवाई की है।
जिसके लिये गम्भीर रूख अपनाते हुए शासन द्वारा उक्त कार्यवाही की गयी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी/कर्मचारी अपने राजकीय कार्यों में शिथिलता बरतता है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।